या हुसैन अलविदा, बोलो बोलो मुहमदिया हुसैन या हुसैन के नारों के बीच मुहर्रम की दसवीं पर ताजिये का जुलूस निकाला गया। चौक से निकला जुलूस कर्बला तक पहुंचा और यहां ताजिये को दफन किया गया। जिले के 366 स्थानों पर स्थापित ताजिया उठाने का सिलसिला देर शाम तक चला।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम एक दिन होने की वजह से प्रशासन पूरी तरह चौकस रहा। दोनों शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
नगर में सुबह से ही 109 स्थानों और अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत 39 स्थानों पर स्थापित ताजिये के जुलूस को निकालने की तैयारी शुरू हो गई थी। इसके पूर्व मंगलवार की शाम ताजिये को चौक पर स्थापित किया गया। यहां पूरी रात नौहाख्वानी की गई। शाम चार बजे से ताजिये का जुलूस निकालने का सिलसिला शुरू हुआ तो देर शाम तक जारी रहा। नगर के कसाब महाल, मुस्लिम महाल, पथरा, सिकटियां, अलीनगर सहित अन्य स्थानों से जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल युवा तरह तरह के करतब दिखाते चल रहे थे। जीटी रोड पर जुलूस निकाल कर अलीनगर स्थित कर्बला पहुंच कर ताजिये को ठंडा किया गया। इसके पूर्व जगह जगह शिविर लगाकर ताजिये के जुलूस के दौरान करतब दिखाते समय जख्मी लोगों का इलाज किया गया। सकलडीहा संवाददाता के अनुसार मुहर्रम पर सकलडीहा कस्बा सहित क्षेत्र के 29 स्थानों से ताजिया देर शाम तक कर्बला तक पहुंची। इस दौरान उपजिलाधिकारी जितेन्द्र कुशवाहा, सीओ चिरंजीवी मुखर्जी सहित कोतवाल अजय कुमार अवस्थी पुलिस फोर्स के साथ भ्रमण करते रहे। क्षेत्र के बरठी गांव के बच्चों ने कई ऐसे बेहतरीन करतब दिखाए।