पीडीडीयू नगर। शहीद-ए-कर्बला की याद में पूरे जिले में 10वीं मुहर्रम पर बुधवार को ताजिया के जुलूस निकाले गए। पूरे जिले में 366 इमाम चौक से निकाले गए ताजिये के जुलूस में या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। वहीं, मातम के बीच युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। इसके बाद ताजियों को ठंडा किया गया। जुलूस के दौरान में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे। पीडीडीयू नगर के कसाब महाल, मुस्लिम महाल, शाहकुटी, सिकटियां, अलीनगर, परशुरामपुर, इस्लामपुर के साथ दुलहीपुर इलाके में 75 जगहों से ताजिये के जुलूस निकाले गए। जुलूस में शामिल या हुसैन या हुसैन के नारे लगा रहे थे। वहीं, युवाओं ने युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। जंजीर और आग के मातम से लोगों को आश्चर्यचकित किया। पीडीडीयू नगर से गाजे-बाजे के साथ निकला जुलूस इलाके का भ्रमण करते हुए अलीनगर स्थित कर्बला पहुंचा। यहां ताजियों को दफन किया गया। जुलूस के मद्देनजर जीटी रोड पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। इस दौरान शिविर लगाकर लोगों को पानी और शर्बत पिलाया गया। दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार ताजिया के जुलूस का सिलसिला दोपहर एक बजे शुरू हुआ। तरह-तरह के ताजियों के साथ अखाड़ों के लोग करतब दिखाते चल रहे थे। बैंडबाजे और शहनाई की मातमी धुन इमाम हुसैन की शहादत की याद दिला रही थी। सतपोखरी, मलोखर, शकूराबाद, मोहम्मदपुर, दुलहीपुर, महाबलपुर, भिसौड़ी, कुंडा कला, हरिशंकरपुर, बगही और नई बस्ती के लोग जुलूस के साथ करबला पहुंचे और ताजिया दफन किया। इसी तरह शिया समुदाय के लोगों ने जंजीरी मातमी जुलूस निकाला। दुलहीपुर-साहूपुरी मार्ग के पास शिया मुहल्ले से जुलूस निकला। इस अवसर पर एसडीएम विराग पांडेय, सीओ अनुरुद्ध सिंह, कोतवाल विजय बहादुर सिंह, नसीमुद्दीन, मुहम्मद अरशद, प्रधान वकार अहमद, हमीदुल्ला अंसारी, इमरान रिंकू, जलालुद्दीन अंसारी आदि रहे।