तड़वाबीर बाबा का यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि मन्नतों के पूरे होने का जीवंत प्रतीक बन चुका है। यहां हर घंटे के पीछे एक कहानी है- किसी की नौकरी लगी, किसी की बीमारी ठीक हुई, किसी का खोया हुआ बच्चा मिल गया, तो किसी के जीवन में नया उजाला आया।
यहीं नहीं घंटों के अलावा यहां बकरे और मुर्गे तक को चढ़ाकर छोड़ दिया जाता है। जो काफी संख्या में मुर्गे यहां देखने को मिलेंगे। इस मंदिर की विशेषता और मान्यताओं के चलते यह न केवल स्थानीय, बल्कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का केंद्र बन गया है।