फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवाहिता की मौत, पांच पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा

विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। सदर कोतवाली के जमुनीपुर (बनवा) गांव में सोमवार की सुबह विवाहिता ममता देवी (24) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता बासदेव चौहान ने ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित कर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मृतका के पति सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं घटना के बाद से परिवार के सभी सदस्य फरार है।
विज्ञापन

शहाबगंज थाना क्षेत्र के अमाव गांव निवासी बासदेव चौहान ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री ममता देवी की शादी वर्ष 2018 में जमुनीपुर निवासी राजाबाबू उर्फ डब्बू से किया था। उन्होंने शादी के दौरान बतौर दहेज दो लाख रुपये और सोने, चांदी के आभूषण दिए थे। लेकिन परिवार के लोग बाइक देने के लिए ममता को बार-बार प्रताड़ित करते थे, जिसका ममता ने कई बार जिक्र भी किया था। सोमवार की सुबह उन्हें सूचना मिली कि उनकी पुत्री ममता की अचानक मौत हो गई। परिवार के लोग आनन-फानन में जमुनीपुर पहुंचे तो देखा कि ममता का शव घर में पड़ा था और परिवार के लोग मौके से गायब थे। मृतका के गले के नीचे काला निशान देख उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। बासदेव चौहान की तहरीर पर पुलिस ने मृतका के पति राजा बाबू उर्फ डब्बू, जेठ विष्णु चौहान, जेठानी सोनी देवी, जेठानी का भाई विनोद चौहान, पड़ोसी शिवपूजन चौहान के खिलाफ सदर कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल अशोक मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
चंदौली। ममता देवी की मौत के बाद उसकी एक वर्ष की पुत्री नित्या के पालन पोषण को लेकर गंभीर संकट पैदा हो गया है। मां की मौत और पिता डब्बू के फरार होने के बाद मासूम की देखभाल के लिए परिवार में कोई नहीं है। वहीं नाना बासदेव चौहान ने मासूम को अपने साथ रखने के लिए पुलिस से अनुमति मांगी। फिलहाल नित्या के ननिहाल के लोग उसे अपने साथ लेकर गए हैं। लेकिन उसके भविष्य को लेकर चिंता बरकरार है।
विज्ञापन

चंदौली। ममता की मौत के बाद जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस का माहौल काफी गमगीन रहा। यहां अमाव से आई महिलाएं अपनी लाडली की मौत के बाद पूरे दिन बिलखती रही। हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा था कि क्या जिंदगी की कीमत बाइक से भी कम हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें