चंदौली। तय समय पर विवेचना पूरी नहीं करने और जांच में शिथिलता बरतने पर एसपी आकाश पटेल ने एक दरोगा को निलंबित कर दिया है जबकि तीन विवेचकों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने कहा कि विवेचना में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसपी आकाश पटेल ने 13 अगस्त को सकलडीहा सर्किल में लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। इस दौरान धानापुर थाने में दर्ज एक प्राथमिकी की विवेचना की प्रगति ठीक नहीं मिली। एक वर्ष छह महीने के बाद भी विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी नहीं की गई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी ने उपनिरीक्षक सकलैन अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
वहीं, धीना और बलुआ थाने में दर्ज मामलों की विवेचना में 60 और 90 दिन से ज्यादा समय बीतने के बावजूद प्रगति ठीक नहीं मिली। कुछ घटनाओं का खुलासा भी नहीं हो सका। इस पर उन्होंने तीन विवेचकों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। एसपी ने सभी विवेचकों को निर्देश दिया कि 60 और 90 दिन में निस्तारित होने वाली विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
उन्होंने कहा कि साक्ष्यों का संकलन और परीक्षण करने के साथ सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय से न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि विवेचनाओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पुलिस की प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।