परिषदीय स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक के छात्रों को एआई कोडिंग, डिजिटल लिट्रेसी, कंप्यूटिंग थिंकिंग आदि की शिक्षा प्रदान की जाएगी। एनसीईआरटी ने इसका पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया है।
हर जिले के 10 शिक्षकों को तीन माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अक्तूबर से शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए विज्ञान शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिले में 1185 परिषदीय स्कूल हैं। अब कक्षा छह से आठ में पढ़ने वाले छात्रों को एआई कोडिंग, डिजिटल लिट्रेसी, कंप्यूटिंग थिकिंग की शिक्षा दी जाएगी। छात्रों को डिजिटल हाईटेक ज्ञान देने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
शासन स्तर से जिला स्तर पर शिक्षकों के चयन के निर्देश दिए गए हैं और शिक्षा विभाग ने एआई व कोडिंग इत्यादि के बारे में अच्छी जानकारी रखने वाले शिक्षकों का चयन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रदेश के हर जिले से 10-10 शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षक जिले में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे और जिले के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे और इसके बाद छात्रों को एआई कोडिंग पढ़ाई जाएगी। भविष्य में इस तरह की टेक्नोलॉजी का प्रयोग हर क्षेत्रों में बढ़ेगा, इसको देखते हुए शासन ने 8 छात्रों को एआई कोडिंग पढ़ाने का निर्णय लिया है।
कक्षा छह से आठ तक के पाठ्यक्रम में एआई के कोडिंग, डिजिटल लिट्रेसी, कंप्यूटिंग थिकिंग की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए शिक्षकों का आईआईटी कानपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। 10 शिक्षक प्रशिक्षण के लिए भेजे जाएंगे, जिनका चयन किया जा रहा है।
-सचिन कुमार, बीएसए, चंदौली