लालबहादुर शास्त्री पीजी कालेज के छात्रसंघ चुनाव को पंचायत चुनाव को देखते हुए स्थगित कर दिया गया है। नामांकन पत्र खरीदने के बाद अचानक चुनाव रद्द करने का आदेश आते ही छात्रनेता बौखला गए और पहले कालेज पर प्रदर्शन किया और बाद में प्राचार्य के आवास का घेराव किया। घंटों समझाने और नामांकन पत्र खरीदने सहित पूरी प्रक्रिया यथावत रखने का आश्वासन मिलने पर छात्र नेता शांत हुए। इस दौरान पहले कालेज और फिर कैलाशपुरी स्थित प्राचार्य के आवास के पास घंटों गहमागहमी की स्थिति रही।
छात्रों के लंबे इंतजार के बाद एक अक्तूबर से कालेज में चुनावी अधिसूचना जारी हुई थी। इसके साथ ही छात्रों ने चुनाव की पूरी तैयारी शुरू कर दी। दो अक्तूबर को नामांकन पत्र बिक्री के दौरान छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई और इसके बाद छात्रों को शांत कराने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजीं। इससे एक दर्जन छात्र घायल हो गए। नाराज छात्रों ने तीन घंटे तक जीटी रोड पर चक्का जाम किया।
इन सब गतिविधियों को देखते हुए चार अक्तूबर को होने वाले चुनावी नामांकन पर आशंका के बादल मंडराने लगा। शनिवार को नामांकन की तैयारियों के लिए बैठकें शुरू हुईं। इसी बीच दोपहर बाद डीएम सुरेंद्र विक्रम ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए छात्र संघ चुनाव को टालने की घोषणा कर दी। इसकी खबर जैसे ही छात्र संघ नेताओं को हुई वे बौखला गए। शाम पांच बजे छात्र संघ नेताओं ने कालेज के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और कालेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शन के बावजूद किसी के न पहुंचने पर छात्रों ने प्राचार्या के आवास की ओर से रुख किया। शाम छह बजे छात्रों का दल कैलाशपुरी स्थित प्राचार्य डा. पुष्पा सिंह के आवास पर पहुंचा और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पाकर कोतवाल आनंद सिंह, कूडा बाजार चौकी इंचार्ज धीरेन्द्र सिंह, रेलवे चौकी इंचार्ज मनोज तिवारी सहित दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र नहीं माने। शाम सात बजे सीओ सदर प्रमोद यादव मौके पर पहुंचे और छात्र नेताओं तथा प्राचार्य के बीच मध्यस्थता की। प्राचार्या ने बताया कि सिर्फ पंचायत चुनाव को देखते हुए छात्र संघ चुनाव स्थगित किया गया है। बाकी की स्थिति यथावत रहेगी। जो नामांकन पत्र बिका है वह उस समय भी मान्य होगा।