पीडीडीयू नगर। उत्तर प्रदेश का चंदौली सन् 1997 में वाराणसी जिले से अलग हुआ। 2019 में यहां से भारतीय जनता पार्टी के नेता महेंद्रनाथ पांडेय ने जीत दर्ज की थी। इस बार पार्टी ने फिर से उन पर भरोसा जताते हुए उम्मीदवार बनाया है। वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में वीरेंद्र सिंह मैदान में हैं। बहुजन समाज पार्टी ने सतेंद्र कुमार मौर्य पर दांव लगाया है। चंदौली के मतदाता और खासकर युवा सरकार और अपने लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों के बारे में क्या सोचते हैं, उनके क्या मुद्दे और आकांक्षाएं हैं, मतदाताओं के मुद्दों पर नेताओं का क्या कहना है, वे किन मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरे हैं? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ ''सत्ता का संग्राम'' 19 मई को चंदौली में रहेगा।
''सत्ता का संग्राम'' के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। इसके जरिये आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश से जुड़े मुद्दों को उठा पाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच दे रहा है। यहां आप अपनी बात रख सकेंगे ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दें भी याद रहें।amarujala.com, अमर उजाला के यूट्यूब चैनल और फेसबुक चैनल पर आप ''सत्ता का संग्राम'' से जुड़े कार्यक्रम और चर्चा लाइव देख सकेंगे। ''सता का संग्राम'' से जुड़ा व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में भी पढ़ सकेंगे।