ब्लाक कार्यालय पर गुरुवार को दोपहर डेढ़ बजे मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव औचक निरीक्षण करने पहुंचे।
यहां
अनियमितताओं को देखकर उन्होंने दो ग्राम विकास अधिकारियों (सेक्रेटरी) के
वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने बीआरजीएफ, मनरेगा, राज्य वित्त,
तेरहवां वित्त की फाइलों को जांच के दौरान कर्मचरियों को फटकार लगाई, वहीं
राज्य वित्त की फाइल कब्जे में ले लिया। स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी कक्ष
पर ताला बंद था।
उन्होंने सहायक शोध अधिकारी के कक्ष को खाली करने और वहां
पर चिकित्साधिकारी को बैठाने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त आरएम
श्रीवास्तव ने वहां क्षेत्र पंचायत के विकास कार्यों की फाइलों की जांच की।
राज्य वित्त, तेरहवां वित्त, मनरेगा, बीरआरजीएफ के तहत कराए गए कार्यों की
फाइल पूर्ण न होने पर एकाउंटेंट श्यामजी पाल को फटकार लगाई। साथ ही राज्य
वित्त की फाइल को अपने कब्जे में ले लिया और बीडीओ को राज्य वित्त के तहत
कराए गए कार्यों की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
इसी तरह जेई
आरएस अखिलेश सिंह कार्यालय पर नहीं थे।
मंडलायुक्त ने पंचायत कार्यालय
का निरीक्षण किया जहां पर दो कंप्यूटर पड़े हुए थे और एक ट्राइसिकल
कार्यालय पर मिली। एडीओ पंचायत को फटकार लगाते हुए उन्होंने ग्राम विकास
अधिकारी दिनेश सिंह व ऋषि सोनकर को ग्राम पंचायत में कंप्यूटर न ले जाने पर
वेतन रोकने का निर्देश दिया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निरीक्षण के
दौरान एक ही कक्ष में दो संविदा चिकित्सक गप्पे मारते मिले। इस अवसर पर
परियोजना अधिकारी चंद्रमौलि मिश्रा, जिला विकास अधिकारी बीबीसिंह, एडीओ
पंचायत छोटे लाल सहित विकासखंड के कार्यालय कर्मचारी उपस्थित रहे।