नौगढ़। तहसील के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर नियुक्त अध्यापकों, शिक्षामित्र और अनुदेशकों के स्कूलों से गायब रहने और शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। बीईओ अरविंद यादव की रिपोर्ट पर बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को ऐसे सात शिक्षामित्रों, दो अनुदेशकों और 12 अध्यापकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी की है। बीएसए की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
क्षेत्र के कई ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और बीएसए को अवगत कराया था कि कई परिषदीय स्कूलों के अध्यापक विद्यालय नहीं आ रहे हैं। इससे शैक्षिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। शिकायत मिलने के बाद डीएम के निर्देश पर बीईओ ने प्राथमिक विद्यालय हरियाबांध,पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपराही, प्राथमिक विद्यालय अतर्रवा, माध्यमिक विद्यालय शमशेरपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय जयमोहनी, प्राथमिक विद्यालय नर्मदापु, पूर्व माध्यमिक विद्यालय लालतापुर, प्राथमिक विद्यालय कुबराडीह, प्राथमिक विद्यालय बैरगढ़ के शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक गायब मिले थे। वहीं प्राथमिक विद्यालय जमसोत और प्राथमिक विद्यालय पड़रिया में भी प्रधानाध्यापक व अध्यापक गायब मिले। बीईओ ने इनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र लिखा था। खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट के बाद बीएसए ने कार्रवाई की है।