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खेल शारीरिक क्षमता के साथ है सामाजिक समानता का दर्पण : प्रो. रणधीर

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सकलडीहा पीजी कॉलेज में जेंडर समानता, खेल अवसर और चुनौतियां पर हुई गोष्ठी
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संवाद न्यूज एजेंसी

सकलडीहा। पीजी कॉलेज में शुक्रवार को समाजशास्त्र विभाग की ओर से जेंडर समानता, खेल अवसर, चुनौतियां और परिवर्तन की दिशा पर गोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
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मुख्य वक्ता प्रो. रणधीर सिंह ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाता है बल्कि सामाजिक समानता का दर्पण भी है। जब तक लड़कियां खेल के मैदान पर बराबरी नहीं पाएंगी, समाज भी बराबरी की दिशा में अधूरा ही रहेगा। प्रो. आनंद प्रकाश ने कहा कि लड़कियों की खेल में भागीदारी बढ़ाना राष्ट्र निर्माण का प्रश्न है। सामाजिक बाधाएं जितनी जल्दी टूटेंगी, भारत की खेल उपलब्धियां उतनी ही ऊंचाई छुएगी। प्रो. दयाशंकर सिंह यादव ने कहा कि समाज में आज भी खेलों में जेंडर आधारित असमानताएं दिखती हैं। महाविद्यालय यदि लड़कियों को समान संसाधन, प्रशिक्षक और वातावरण दे तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव लगातार बढ़ा सकती हैं। प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडेय ने कहा कि खेल शिक्षा का अभिन्न हिस्सा है और शिक्षा का मूल भाव ही समानता है। ऐसे में दायित्व है कि खेलों में जेंडर असमानता को समाप्त कर एक समता मूलक वातावरण तैयार किया जाए। कार्यक्रम में प्रो. डॉ राजेश कुमार यादव, डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ. अजय कुमार यादव, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. यज्ञनाथ पांडेय, प्रो. दयानिधि सिंह यादव रहे।
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