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चंदौली व चकिया में बने डेंगू और मलेरिया के स्पेशल बार्ड

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चंदौली। मलेरिया और डेंगू के मरीजों के लिए चंदौली पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय और चकिया जिला अस्पताल में विशेष वार्ड बनाए गए हैं। हालांकि अब तक मलेरिया और डेंगू की जांच के दौरान मात्र एक मलेरिया का रोगी पाया गया। डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है।
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जनवरी से अब तक चले अभियान में 45 हजार से अधिक ब्लड सैंपल की जांच लिए गए।जिसमें मात्र एक मलेरिया का रोगी पाया गया है। मुख्यालय इससे पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय और चकिया जिला चिकित्सालय में डेंगू के मरीजों के लिए विशेष वॉर्ड बनाए गए, ताकि डेंगू के मरीज मिलने पर उनका उपचार समय से किया जा सके।
चंदौली। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि चार से आठ घंटे के चक्र में बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, ठंड लगना, पसीना आना और मिचली व उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करें। उनकी मदद से प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाकर उनकी सलाह पर मलेरिया की जांच कराई जानी चाहिए। मच्छरों से बचाव और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच और इलाज मलेरिया से बचाव का बेहतर उपाय है।समय से जांच व इलाज न होने से मलेरिया जानलेवा हो सकता है। लक्षण समाप्त होने पर भी मलेरिया का पूरा इलाज करवाना है।
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चंदौली। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ संजय कुमार ने बताया कि डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं। ये मच्छर दिन में, खासकर सुबह काटते हैं। डेंगू बरसात के मौसम और उसके फौरन बाद के महीनों यानी जुलाई से अक्टूबर में सबसे ज्यादा फैलता है क्योंकि इस मौसम में मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां होती हैं। एडीज इजिप्टी मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता।संवाद
जनपद में अब तक कोई डेंगू का मरीज नहीं मिला है, लेकिन सावधानी बरती जा रही है। विभाग की ओर से मलेरिया और फैलेरिया पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है- डॉ राजीव सिंह, जिला सहायक मलेरिया अधिकारी।
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