कंदवा। क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों पर खाद का टोटा हो गया है। किसान डीएपी और यूरिया के लिए साधन सहकारी समितियों का चक्कर लगा-लगा कर थक गए हैं। लेकिन अब तक उर्वरक उपलब्ध नहीं हो सका है। किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा वह भुगत रहे हैं। किसान अरविंद सिंह ने कहा कि किसानों के हित में सोचने वाला कोई नहीं है। अभी तक समितियों पर डीएपी व यूरिया उपलब्ध नहीं है। धर्मेंद्र सिंह मुन्ना ने कहा कि धान का कटोरा कहे जाने वाले जिले के किसान खाद के लिए परेशान हैं। जब किसान पानी खाद बीज के लिए भटकेगा तो देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ना तय है। उपलब्धता के बारे में कोई ठोस जानकारी देने वाला भी नहीं है। किसान सुमंत सिंह अन्ना का कहना है कि विभागीय उदासीनता के चलते किसान परेशान हैं। डीएपी व यूरिया न मिलने के कारण गेहूं की बुआई पिछड़ रही है। किसान भानु प्रताप सिंह का कहना है कि गेहूं की बुआई के लिए उर्वरक की सख्त आवश्यकता है। समितियों का चक्कर लगा- लगा कर थक चुका हूं। किसान नेता रतन सिंह का कहना है कि जिले में खाद का रैक बनने के बाद भी अन्नदाता खाद के लिए परेशान हैं। यशवंत यादव ने कहा कि खाद बीज न मिलने पर खेती प्रभावित होगी। किसानों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को बरहनी सेक्टर नंबर एक के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि इंदल सिंह बाबा से मिला। यहां क्षेत्र के साधन सहकारी समितियों पर डीएपी की अनुपलब्धता की शिकायत की। बाबा ने चंदौली सांसद और भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय से मोबाइल पर बात कर किसानों की समस्या से अवगत कराया। सांसद ने हर हाल में दो दिन के भीतर चंदौली मे पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्धता का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में नागेन्द्र सिंह मंटू, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, अरुण सिंह रहे।