चंदौली। बलुआ एसओ द्वारा गत दो अगस्त को एक युवक की थाने में कथित बर्बर
पिटाई के विरोध में सपा कार्यकर्ता मंगलवार की रात आठ बजे डीएम आवास
पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
दो घंटे तक चले धरने के बाद डीएम व एसपी
ने मानवाधिकार के उल्लंघन का दोषी पाते हुए बलुआ एसओ को लाइन हाजिर कर
दिया। साथ ही पूरे प्रकरण के जांच की जिम्मेदारी एएसपी जियालाल यादव को
सौंपी। घायल युवक को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
गत दो अगस्त
को बलुआ थाना क्षेत्र के पंडितपुर निवासी राममिलन राजभर अपना मकान बनवा
रहा था। जिसमें बारजा निकालने को लेकर उसका पड़ोसी से विवाद हो गया। मामला
बलुआ थाने पहुंचने पर पुलिस दोनों पक्ष को थाने ले गई। जहां बलुआ
थानाध्यक्ष राम नारायण उपाध्याय ने थाने में ही राममिलन राजभर को बुरी तरह
पीटा और जेल भेज दिया।
मंगलवार को जेल से छूटने के बाद राममिलन ने अपनी
फरियाद पूर्व विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव से की। इस पर पूर्व विधायक
राममिलन को लेकर सपा कार्यकर्ताओं के साथ डीएम आवास पर पहुंचे। सपा
कार्यकर्ता दोषी थानाध्यक्ष को निलंबित करने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर
कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर दो घंटे तक धरना चला।
डीएम,
एसपी व सत्ता दल के नेताओं के बीच चली वार्ता के बाद प्रशासन ने थानाध्यक्ष
को लाइन हाजिर करते हुए पीड़ित युवक को मेडिकल मुआवजे के लिए जिला अस्पताल
भेजा।
इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, बाबूलाल यादव, बलिराम
यादव, अरविंद यादव, नफीस अहमद, चाखन यादव, जोखू सिद्दीकी, अमित यादव, अजीत
यादव, शशिकांत यादव, पुत्तुल यादव, अर्जुन अग्रहरि, चकरू यादव आदि उपस्थित
रहे।
इस संबंध में जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने कहा कि एसओ द्वारा
मानवाधिकार का उल्लंघन किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए पीड़ित युवक से
शिकायती प्रार्थना पत्र लिया गया है।
प्रथम दृष्टया बलुआ थानाध्यक्ष को
मानवाधिकार के उल्लंघन में दोषी पाते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया।