पीडीडीयू नगर। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए शासन के निर्देश पर जिले के किसानों की आईडी व उनका स्मार्ट कार्ड बनेगा। एक सितंबर से कार्ड बनने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कार्ड बनने के बाद पॉश मशीन के जरिए खाद का वितरण किया जाएगा। आईडी बनवाने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड व खतौनी आदि देनी होगी। रबी के फसल से यह नियम लागू किया जाएगा। कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
खाद की काला बाजारी और भंडारण पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने किसानों का स्मार्ट कार्ड व आईडी बनाने का फैसला किया है। इससे किसानों को जोत के आधार पर ही खाद मिल पाएगी। हालांकि इस वर्ष जिले के किसानों को खाद की समस्या का अधिक सामना नहीं करना पड़ा है क्योंकि समय पर खाद उपलब्ध हो रही है जिसका वितरण भी किया जा रहा है। वहीं इस साल कई बंद पड़ी समितियों को भी दोबारा आरंभ कराया गया है।
इस संबंध में एआर (सहायक निबंधक) श्रीप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि जिले में प्रचुर मात्रा में डीएपी, यूरिया व एनपीएस उपलब्ध है। किसानों की मांग पर खाद तत्काल उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं किसानों की आईडी और उनका स्मार्ट कार्ड बनाने की दिशा में कार्य आरंभ कर दिया गया है। आगामी फसली सीजन से खाद का वितरण इसी के आधार पर किया जाएगा।