मुगलसराय के वार्ड नंबर दो में आधा अधूरा बना मस्जिद जाने वाला मार्ग।
नगर पालिका परिषद् का वार्ड नंबर दो विकास की बाट जोह रहा है। करीब छह हजार वाली आबादी के इस वार्ड में जलस्तर नीचे खिसक गया है। नतीजतन पीने के पानी की किल्लत सिर उठाने लगी है। वहीं टूटी नालियां और गंदगी के चलते भी वार्ड के लोग परेशान हैं।
सड़क का शिलापट्ट लगे साल भर बीते लेकिन सड़क नहीं बननी थी नहीं बनीं। उधर वार्ड सभासद का दावा है कि उसने विकास कार्य पर करीब 75 लाख रुपये खर्च कर दिए हैं। वार्ड नंबर दो में कुल चार बस्तियां शाहकूटी, रावत बस्ती, मुस्लिम महाल और हरिजन बस्ती शामिल हैं। गर्मियों के शुरू होते ही वार्ड की ज्यादातर बस्तियों के लोगों को लो वाटर लेवल के चलते पानी नहीं मिलने की समस्या की चिंता सताने लगी है।
मुस्लिम महाल निवासी रिंकू का कहना है की यहां पर पालिका द्वारा पानी के कनेक्शन तो दिए गए है लेकिन लो वाटर प्रेशर के कारण पानी सड़क से एक फुट ऊपर के मकान तक नहीं चढ़ पाता है। गर्मियों की शुरुआत हो गयी है, और पानी की खपत भी बढ़ गयी है लेकिन जिम्मेदार लापता हैं।
यहीं के जुबेर अहमद ने बताया की मस्जिद रोड काफी समय से ख़राब पड़ी हुई थी। इसके लिए लगभग एक वर्ष पूर्व शिलापट्ट भी लगाया गया। सड़क का कार्य होना है। लेकिन बात शिलापट्ट के अनावरण से आगे नहीं बढ़ सकी। काफी समय से सड़क अधूरी पड़ी है। नालियां टूट गयी है जिससे जलजमाव होने लगा है।
सफाई नहीं होने से कई संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। वार्ड के हरिजन बस्ती निवासी शिवकुमार ने बताया की बस्ती के भीतर पालिका द्वारा सफाई ठीक से नहीं करायी जाती है। सफाई कर्मी तीन-तीन दिन तक आते ही नहीं है। साथ कई गलियां ऐसी जिसमे कभी भी झाड़ूू तक नहीं लगती है।
शाहकुटी निवासी राकेश गुप्ता ने बताया की उनके घर के सामने शौचालय के पहले कूड़े का ढेर लगा होता है जहा कई बार मरे हुए जानवर भी फेंक दिए जाते है। सफाई कर्मी दोपहर में आकर कूड़ा उठाते है। वहीं रविवार को छुट्टी के कारण जब कोई नहीं आता है तो बदबू के चलते जीना मुहाल हो जाता है। मिला जुलकर स्थिति नारकीय बनी हुई है।