नियामताबाद(चंदौली)। अलीनगर थाना क्षेत्र के नसीरपुर पट्टन गांव के समीप सोमवार को ट्रक के नीचे सो रहे खलासी की उसी ट्रक से दबकर मौत हो गई। वह नौगढ़ थाना क्षेत्र के देवखत गांव के वनकर्मी का पुत्र था। कोरोना काल में स्कूल बंद होने पर वह खलासी का काम कर रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया दिया।
नौगढ़ थाना क्षेत्र के देवखत गांव निवासी वन कर्मी हीरालाल यादव का छोटा पुत्र बृजेश यादव (15) गांव के ही विद्यालय में कक्षा आठ का छात्र था। लॉक डाउन में स्कूल बंद होने के कारण पड़ोस के ही ट्रक चालक विनोद यादव के साथ लगभग एक महीने से ट्रक पर खलासीगिरी का काम कर रहा था। रविवार को सोनभद्र से गिट्टी लादकर जमानिया की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान अलीनगर सकलडीहा मार्ग पर मटकुट्टा रेलवे फाटक बंद होने के कारण नसिरपुर पट्टन गांव के समीप चालक ने ट्रक को साइड में खड़ा कर दिया। काफी देर तक गेट नहीं खुला और काफी रात होने के कारण खलासी बृजेेश उसी वाहन के नीचे सो गया। इसी दौरान भोर में करीब चार बजे गेट खुला तो ड्राइवर विनोद खलासी ने उसे आवाज दी पर कोई जवाब नहीं आने पर चालक ने ट्रक को आगे बढ़ा दिया। चालक नहीं जानता था कि खलासी ट्रक के नीचे सोया है। इस दौरान वह उसकी चपेट में आ गया और घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसकी जानकारी होते ही चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक सहित शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर दूसरे ट्रक के चालकों ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे पिता हीरालाल, बड़ा भाई अवधेश, ममेरा भाई रणजीत का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। बृजेश लगभग एक महीने से घर से निकला था। पहली बार नाबालिक उम्र में कमाने की सोच के बाद घर नहीं पहुंचा था। मौत से एक घंटे पहले लगभग तीन बजे बृजेश की भेंट ममेरे भाई ट्रक चालक रणजीत से हुई थी। जहां हाल-चाल करने के बाद रणजीत अलीनगर की तरफ निकल लिया। लगभग एक घंटे बाद मौत की ख़बर खबर ने उसको झकझोर दिया।