जिले में हैंडपंपों की स्थिति खस्ताहाल है। नौ ब्लाकों में लगभग 29076 हैंडपंप लगाए गए हैं। इसमें 2789 हैंडपंपों को रीबोर और 3150 हैंडपंपों को मरम्मत की दरकार है। जबकि जल निगम के पास वही पुराना धनाभाव का रोना है।
जिले में विभिन्न निधियों से हैंडपंप लगाए गए हैं। नौ ब्लाकों में कुल 29076 हैंडपंप लगाए गए हैं। इन हैंडपंपों में 2789 रिबोर कराने व 3150 की मरम्मत की दरकार है। जबकि अभी तक हैंडपंपों के सुधार की शुरुआत प्रशासन ने नहीं की है। चकिया क्षेत्र के मुहम्मदाबाद गांव के रमेश ने बताया कि हैंडपंपों की स्थिति इतनी खराब है कि पानी की जगह कीचड़ आ रहा है।
शिकायत के बाद भी अभी तक हैंडपंपों को दुरुस्त नहीं किया गया। नियामताबाद विकासखंड के नियामताबाद गांव निवासी कमला सिंह ने बताया कि गांव के अधिकांश हैंडपंप पानी ही नहीं दे रहे हैं। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
चहनियां विकासखंड के सीएल पांडेय ने बताया कि हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। लेकिन ब्लाक के अधिकारी धन उपलब्ध नहीं होने का रोना रोकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। हैंड पंपों की मरम्मत के लिए कई बार ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। सहायक अभियंता जल निगम एसडी पांडेय ने बताया कि जनपद के सभी खराब हैंडपंपों की दशा सुधारने की कवायद की जा रही है। जल्द ही सभी खराब हैंडपंप ठीक करा लिया जाएगा।