मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह की अदालत ने खाद्यान्न की कालाबाजारी के मामले में दोषी टुनटुन गुप्ता को 6 माह की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसपर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन विपणन निरीक्षक घोसी राघवेंद्र पांडेय की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। 24 मई 2018 को मेसर्स स्वाती राइस मिल सेमरी जमालपुर में अवैध रूप से रखे गए गेहूं की जांच की गई। इसमें एक प्लास्टिक का स्टैंसिल, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, एक सिलाई मशीन, 589 बोरी, 175 जूट के बोरे बरामद हुए। अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद टुनटुन गुप्ता को दोषी पाया।