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Chandauli News: सिक्सलेन का सर्विस रोड बना पार्किंग स्थल, पांच किमी दूरी तक खड़े हो रहे 450 से ज्यादा वाहन

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पीडीडीयू नगर। पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक सिक्सलेन सड़क के किनारे लोगों के आवागमन के लिए सर्विस रोड बनाया गया है। इस सर्विस रोड को पूरी तरह से वाहनों के पार्किंग स्थल के रूप में तब्दील कर दिया गया है। सिक्सलेन के दोनों तरफ सर्विस रोड पर करीब पांच किमी दूरी तक 450 से ज्यादा ट्रक व अन्य वाहन रोजाना खड़े हो रहे हैं। पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। चंदासी में तो पार्किंग स्थल होने के बाद भी डिवाइडर पर चढ़ाकर 150 से ज्यादा ट्रक खड़े किए जा रहे हैं।
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पड़ाव से पीडीडीयू नगर मार्ग पर एशिया की सबसे बड़ी चंदासी कोल मंडी है। जहां से रोजाना कोयला लोड और अनलोड करने के लिए 1200 से भी ज्यादा ट्रकों का आवागमन होता है। कोयला लादने के लिए ट्रकें रात में ही मंडी में आ जाती हैं और रात में कोयला लादकर सुबह निकलती हैं। पहले फोरलेन सड़क होने पर ट्रकें रात भर वहीं खड़ी रहती थीं, लेकिन जबसे सिक्सलेन सड़क का निर्माण हुआ है, ट्रक चालकों का सिक्सलेन के सर्विस रोड पर कब्जा हो गया है। पड़ाव से चंदासी तक करीब पांच किमी मार्ग के किनारे सर्विस रोड पर ट्रकों समेत 450 से ज्यादा वाहन रोज खड़े हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत चंदासी कोयला मंडी के पास की सड़क पर होती है। यहां सर्विस रोड का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। ऐसे में सिक्सलेन सड़क पर ही 100 से ज्यादा ट्रक खड़ रहते हैं। स्थिति यह है कि सिक्सलेन सड़क के डिवाइडर पर भी 150 से ज्यादा ट्रक खड़े हो रहे हैं। सिक्सलेन सड़क और सर्विस रोड पर ट्रकों के खड़े होने का सिलसिला पिछले छह महीने से लगातार चल रहा है। बीते नवंबर में यातायात माह के दौरान भी पुलिस की तरफ से जिले भर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन सर्विस रोड पर ट्रक खड़ा करने वाले चालकों व वाहन स्वामियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उधर, चंदासी कोयला मंडी में रोजाना 1200 से ज्यादा ट्रक आते हैं। डेढ़ साल पहले चंदासी कोयला मंडी में ही पार्किंग स्थल बनाया गया है, लेकिन यहां नाम मात्र के ही ट्रक खड़े होते हैं। ज्यादातर ट्रक चालक सड़क पर ही वाहन खड़े रहते हैं, ताकि उन्हें कोयला लेकर आने-जाने में आसानी हो। उधर, पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक सिक्सलेन सड़क और पड़ाव से रामनगर तक फोरलेन का निर्माण अंतिम चरण में है। पड़ाव चौराहे का सुंदरीकरण भी होना है। इसके लिए तीन महीने पहले ही जेसीबी से पड़ाव चौराहे पर बनी पुलिस पिकेट को गिरा दिया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि सड़क चौड़ी होने से आवागमन में आसानी होगी, लेकिन अब पड़ाव पर पहुंचते ही लोग परेशान हो जा रहे हैं। लोगों को समझ में ही नहीं आता है कि वे किस तरफ से आएं और किस तरफ जाएं। पीडीडीयू नगर से मालवीय पुल की सड़क को पड़ाव पर भी लोहे की बैरिकेडिंग की गई है। इससे रामनगर और आसपास के गांवों से आने-जाने वाले लोगों को पीडीडीयू नगर और बहादुरपुर बाजार जाने के लिए पहले 150 मीटर बाईं तरफ घूमकर फिर दाईं तरफ होकर जाना पड़ रहा है। बहादुरपुर बाजार से लौटते समय बीच में लोहे की बैरिकेडिंग होने से करीब एक किमी दूर घंटा बाबा मंदिर से सड़क से मुड़कर आना पड़ रहा है। सीओ यातायात रघुराज का कहना है कि मुख्य सड़क पर वाहन खड़ा न करने के सख्त निर्देश हैं। हालांकि सड़क के किनारे जगह है तो ट्रक खड़े हो सकते हैं। चंदासी में अगर सड़क पर ट्रक खड़े हो रहे हैं तो उनका चालान किया जाएगा। वैसे इस मार्ग पर रोजाना यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का चालान होता है।
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