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दो हजार के लिए छह घंटे लाइन में

Wed, 16 Nov 2016 01:16 AM IST
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
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एचडीएफसी बैंक के बाहर पैसा निकालने के लिए जुटे लोग।
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बैंकों की लेट लतीफी और नगदी की कमी की वजह से हर तरफ बेहाली का आलम है। स्थिति यह है कि बैंक की शाखाओं में लोग सुबह पांच बजे से ही अपने पैसे निकालने के लिए लाइन में लग जा रहे हैं लेकिन पांच से छह घंटे बाद उनके हाथ सिर्फ दो हजार रुपये आ रहे हैं।
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पांच और 1000 के नोट बंद होने के बाद लोग इसे बदलने के लिए बेचैन हैं। सहालग का समय होने की वजह से लोगों को नकदी की आवश्यकता है लेकिन बैंकों के बाद इसकी लगातार कमी हो रही है। ऐसे में बैंक रिजर्व बैंक आफ इंडिया के नियम के विपरीत समझौता वादी रूख अपना रहे हैं और अपनी मर्जी से लोगों को नगदी दे रहे हैं। इलाहाबाद बैंक में लोगों के सिर्फ दो हजार रुपये ही नोट बदले जा रहे हैं जबकि लोगों के एकाउंट से मात्र चार हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इस बावत बैंक मैनेजर वीके गुप्ता ने बताया कि कैश कम होने की वजह से लोगों को कम पैसे दिए जा रहे हैं। इसी तरह यूको बैंक, विजया बैंक, पीएनबी, ओरियंटल बैंक आफ इंडिया के भी यही हाल हैं। इससे लाइन में लगे लोगों को धैर्य जवाब देने लग रहा है।लाइन में लगे दुलहीपुर निवासी सर्फुद्दीन ने बताया कि  वह सुबह पांच बजे से लाइन में लगा हुआ है। दोपहर एक बजे उसका नंबर आया, उसने चार हजार रुपये के नोट बदलने चाहे लेकिन उसे सिर्फ दो हजार रुपये दिए गए। इसी तरह आरपीएफ कालोनी निवासी विजय कुमार ने बताया कि वह घर में नकदी खत्म होने पर वह अपने एकाउंट से पैसे निकालने स्टेट बैंक की शाखा में पहुंचा।
सुबह छह बजे ही वह लाइन में लग गया लेकिन दोपहर बारह बजे तक पैसा ही नहीं मिला। घर में बीबी बिमार है, वह कैसे उसे डाक्टर के पास ले जाएगा समझ में नहीं आ रहा है। अमोघपुर निवासी संतोष कुमार ने बताया कि उसके घर में शादी है, वह अपने एकाउंट से पैसे निकालने के लिए आया है लेकिन शाम तक उसका नंबर नहीं आया है, अब वह कल फिर से लाइन में लगेगा। दुलहीपुरी से आयी आफशां ने बताया कि पति बीमार हैं और इसी वजह से अपने एकाउंट से पैसे निकालने आयी है लेकिन लाइन देख कर अंदर जाने कि हिम्मत नहीं हो रही है।
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