थाना क्षेत्र के मरुई गांव के समीप बुधवार को दोपहर में खेत मे ठूंठ जलाते
समय गांव निवासी अवकाश प्राप्त शिक्षक रामप्यारे सिंह के खेत में रखा छह
बीघा धान जल गया।
ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद आग बुझाया।
क्षेत्र के जमानियां राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरूई गांव में रामप्यारे सिंह
का खेत है। धान की फसल रामप्यारे सिंह के बेटे मिथिलेश ने कटवा कर खेत में
रखा था। इस बीच वह एक बीघा खेत में बोआई के लिए धान की फसल को हटाकर दोपहर
में ठूंठ जलाने लगे। जलते हुए ठूंठ से चिंगारी निकली और अन्य काट कर रखी
फसल पर जा गिरी। इससे खेत में काटकर रखी धान की फसल जलने लगी। युवक के शोर
मचाने पर आस पास के किसानों की भीड़ जुट गई और सभी आग बुझाने में जुट गए।
किसानों ने थाने और फायर ब्रिगेड को भी सूचित किया लेकिन सूचना के करीब दो
घंटे बाद टीम मौके पर पहुंची। इसके पहले ग्रामीणों के प्रयास से आग बुझ
चुकी थी। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष है। इस संबंध में फायर ब्रिगेड
कर्मचारियों का कहना है कि वाहन खराब होने की वजह से आने में विलंब हुआ।
फोटो चार
आग से ढाई एकड़ की फसल जली
धीना/नई
बाजार। क्षेत्र में रोक के बावजूद किसान धान के ठूंठ जला रहे हैं। इसका
दुष्परिणाम भी सामने आने लगा है। मंगलवार को ठूंठ जलाने के दौरान ही अलग
अलग क्षेत्रों में ढाई एकड़ फसल क्षेत्र सबलजलालपुर गांव में ठूठ जलाते
समय उसकी आग से राजेन्द्र सिंह की एकड़ में लगी धान की फसल जल गई।
ग्रामीणों ने काफी प्रयास कर आग बुझाई अन्यथा और बड़ा हादसा हो सकता था।
इसी तरह सकलडीहा कोतवाली अंतर्गत कसवढ़ गांव में मंगलवार की भोर में अज्ञात
कारणों से गांव निवासी प्रमोद उपाध्याय के धान की फसल में आग लग गई। जब तक
ग्रामीणों को इसकी खबर होती डेढ़ एकड़ की फसल पूरी तरह खाक हो गई। प्रमोद
के आस पास के खेतों की फसल कट चुकी थी।
फसल में आग कैसे लगी इसका पता नहीं
चला। फसल जलने से प्रमोद उपाध्याय के सामने दाने दाने के लाले पड़ गए हैं।
ग्रामीणों में उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।