महाकुंभ स्नान के बाद प्रयाग से लौटने वालों की अजब गजब कहानी सामने आ रही है। महाकुंभ में भीड़ के कारण कोई साथी से पिछड़ गया है तो किसी की ट्रेन छूट गई। पीडीडीयू जंक्शन पर भटक रहीं बिहार निवासी लीलावती 20 महिलाओं के साथ प्रयागराज कुंभ स्नान के लिए गई थी लेकिन अपनों का साथ छूट गया और प्रयागराज से पीडीडीयू जंक्शन की ट्रेन में बैठा दिया गया। वह बिहार के सिवान जाने के लिए दो दिन से भटक रही हैं। इसी तरह पूर्णिया से कुंभ स्नान के लिए निकला परिवार स्नान के बाद अयोध्या गया और वहां से वाराणसी आया लेकिन भीड़ के कारण न रामलला न काशी विश्वनाथ के दर्शन हुए। केरला से कुंभ स्नान के लिए निकला दल ट्रेन की भीड़ के कारण प्रयागराज के बजाए वापस जाने की तैयारी में जुट गया है। प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करने वालों का रेला कम नहीं हो रहा है। अत्यधिक भीड़ के कारण प्रयागराज पहुंचना जितना कठिन है , वापसी उससे भी कठिन दिख रही है। प्रयागराज में दस से 20 किमी पैदल चलकर स्नान करने के बाद जब वे वापस स्टेशन पर पहुंच रहे हैं तो ट्रेन में धक्के खाते हुए आ रहे हैं। इस चक्कर में लोग अपनों से पिछड़ जा रहे हैं। देश के कोने कोने से आए लोग सिर्फ महाकुंभ स्नान करने नहीं बल्कि स्नान के बाद काशी विश्वनाथ, अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए पहुंचना चाह रहे हैं लेकिन अक्सर अत्यधिक भीड़ के कारण निराशा हाथ आ रही है।
इनसेट-
01. जाना था सिवान पहुंच गई पीडीडीयू जंक्शन
बिहार के सिवान जिले के महुअर निवासी लीलावती बीस महिलाओं के साथ प्रयागराज कुंभ स्नान के लिए गई थी। रविवार को स्नान करने के बाद सभी महिलाएं प्रयागराज पहुंची लेकिन यहां भीड़ में लीलावती के साथ ही महिलाएं छूट गईं। इसके बाद वहां से किसी ने उन्हें पीडीडीयू जंक्शन आने वाली ट्रेन में बैठा दिया। यहां भूखे प्यासे लीलावती रो रो कर सहायता मांगती दिखीं। बताया कि साहब दो दिन से कुछ खाया नहीं। सिवान जाने के लिए पैसे तक नहीं है। इसके बाद आरपीएफ ने महिला को खाना खिलाया और वाराणसी के लिए ऑटो में बैठाया।
02. जाना था कुंभ, वाराणसी की भीड़ देखकर वापसी की ट्रेन पकड़ने लगी
केरला से काशी, अयोध्या और गया के बाद कुंभ स्नान करने के लिए तीर्थयात्रियों का दल निकला था। दल में शामिल राधा सुमन ने बताया कि हम लोग पहले अयोध्या गए, यहां भीड़ देख कर डर गई, पांच घंटे तक लाइन में लगी, इसके बाद वाराणसी में पहुंची। यहां भी लंबी कतार के बाद अब कुंभ जाने की हिम्मत नहीं बची। ट्रेन की स्थिति ऐसी रही कि रिजर्वेशन के बाद भी सीट पर नहीं बैठ सकी। अब बिना कुंभ स्नान के वापस लौट रही हूं।
03. एसी कोच में रिवर्जेशन कराया लेकिन सीट तक नहीं पहुंची
अपनी बहू के साथ प्रयागराज स्नान करने गई बिहार के बाढ़ निवासी शैल देवी ने बताया कि प्रयागराज में घंटों चलना पड़ा। प्रयागराज जाने के लिए ट्रेन के एसी कोच में रिजर्वेशन कराया था लेकिन अपनी सीट पर बैठ नहीं सकी। स्थिति यह नहीं कि पूरा सफल भीड़ में खड़े खड़े सफर की। वापसी में भी यही हाल रहा। स्थिति यह रही कि प्रयागराज से वापस आने पर चलने की हिम्मत नहीं बची है। खाने पीने के लिए भी भटकना पड़ रहा है।
04. प्रयागराज से गई अयोध्या, अयोध्या से आई वाराणसी नहीं, कहीं नहीं हुए दर्शन
पति पप्पू झा और पड़ोस की मानती देवी, बिन्नी देवी आदि के साथ प्रयागराज कुंभ स्नान कर वापस लाैटी रूबी देवी ने बताया कि वे बिहार के पूर्णिया से कुंभ स्नान के लिए आए थे। प्रयागराज में 18 से बीस किमी पैदल चलना पड़ा। यहां से किसी तरह हिम्मत जुटा कर अयोध्या दर्शन करने गए लेकिन यहां इतनी भीड़ थी कि रामलला के दर्शन नहीं हो पाए।वहां से काशी दर्शन के लिए आया। यहां गंगा स्नान तो कर लिया लेकिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन नहीं कर सके। अब निराश होकर घर वापस लौट रहे हैं।