कौमी एकता तथा सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक लतीफशाह मेला मंगलवार से आरंभ हो गया। तीन दिवसीय मेले के पहले दिन बाबा लतीफशाह की मजार पर मेला लगा, इसमें मुसलमानों के साथ ही हिंदुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जियारत के बाद लोगों ने मेले का आनंद उठाया तथा बीयर के नीचे पिकनिक का भी आनंद लिया।
कर्मनाशा के तट पर स्थित बाबा लतीफशाह व सैय्यद शाह अजमेरी की मजार और बनवारी दास का मंदिर है। जो एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक माने जाते हैं। वैसे तो प्रत्येक शुक्रवार को यहां आस-पास के जनपदों से मुस्लिम जियारत, चादरपोशी और दुआ-ख्वानी करने के साथ-साथ प्रकृति के गोद में बंधे के नीचे पिकनिक भी मनाते हैं, लेकिन वर्ष में एक बार तीज के तीसरे दिन मेला लतीफशाह का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाता हैं। श्रद्धालुओं के सुरक्षा की दृष्टि से उपजिलाधिकारी जवाहर लाल श्रीवास्तव, सीओ नृपेन्द्र कुमार, चकिया कोतवाल आनंद कुमार सिंह, रामपुर चौकी इंचार्ज विनय तिवारी आदि रहे।