पांच सौ व हजार की नोटबंदी के बाद विपक्षी दलों द्वारा सोमवार को भारत बंद का जनपद में असर नहीं दिखा। जिले के सबसे बड़े नगर मुगलसराय में साप्ताहिक बंदी होने से दूकानें पूर्ववत बंद रहीं, लेकिन फुटपाथ पर लगने वाले सोमवारी बाजार में भीड़ भाड़ रही। जबकि चकिया, इलिया, शहाबगंज, कंदवा, सैयदराजा, सकलडीहा आदि बाजारों में दूकानें खुली रहीं। आम दिनों की तरह ही यहां खरीदारी चलती रही। दूसरी तरफ कांग्रेस व वामदलों ने बंदी के समर्थन में जगह जगह जुलूस निकाले।
मुगलसराय में प्रधानमंत्री का पुतला फूंके जाने के दौरान कांग्रेसियों और कोतवाली पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस बीच पुलिस ने आधे जले पुतले पर पानी डाल दिया।
जन समस्याओं के मद्देनजर विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को भारत बंद की घोषणा की थी। जिसके तहत सोमवार को पूरे जनपद में प्रमुख तौर पर कांग्रेस और वामपंथी दलों ने जगह जगह जुलूस निकाल केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। जिले से सबसे नगर मुगलसराय में शहर कांग्रेस कमेटी ने जनाक्रोश दिवस पर शास्त्री पार्क से जुलूस निकाल कर मोदी का वीआईपी गेट के समीप पुतला फूंका। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बिना सुलभता के नोटबंदी किये जाने से जनता को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि शादी व्याह के लिए बैंक से मिलने वाली रकम के एवज में कुर्सी, टेबल और छोटी से छोटी वस्तुओं की खरीद के लिए कैशमेमो देना पड़ रहा है लेकिन मोदी जी की रैलियों को कोई भी कैशमेमो जमा नहीं हो रहा है। इस दौरान शाहिद तौसीफ, संतोष तिवारी, रामजी गुप्ता, नंद गोपाल सिंह, दशरथ चौहान अब्दुल खालिक, बाल गोविन्द, बृजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे। उधर संयुक्त वाम दलों ने जुलूस निकाल प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री का पुतला फूूूंका। वक्ताओं ने कहा कि बिना पूर्व सूचना के एकाएक पांच सौ और एक हजार के नोट के बंद कर देने से गरीब मजदूर और किसानों एवं महिलाओं की हालत भूखमरी के करीब पहुंच गयी है। इस दौरान सत्य नारायण सिंह, शशिकांत सिंह, मोहनलाल बरनवाल, श्रवण कुमार कुशवाहा रमेश राय आदि मौजूद रहे।
पड़ाव संवाददाता के अनुसार कटेसर ग्राम प्रधान रामलखन यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूूंक उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्राम प्रधान ने कहा कि अच्छे दिनों की बात करने वालों के चलते आज आमजन परेशानियों से जूझ रहा है। इस दौरान रमेश, मंगल यादव, अमित यादव, शमीम सिद्दकी, दिनेश, अखिलेश आदि मौजूर रहे। इलिया संवाददाता के अनुसार इलिया और सैदपुर बाजार में भारत बंद का कोई असर नहीं दिखा। बाजार आम दिनों की तरह खुले रहे जिसके चलते लोग खरीदारी करते नजर आये।