रेखा जायसवाल को ज्ञापन सौंपते व्यापारी।
नगर पालिका परिषद द्वारा अपने अन्तर्गत आने वाली दुकानों के नामान्तरण प्रीमियम, किराया समेत जलमूल्य व गृहकर बढ़ाये जाने के विरोध में सोमवार नगर के व्यवसायियों ने नगर पालिका के चेयरमैन रेखा जायसवाल का घेराव कर पत्रक सौंपा। इस दौरान चेतावनी दी कि यदि पन्द्रह दिनों के भीतर बढ़ाये गये करों को वापस नहीं लिया जाता है तो व्यवसायी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
नगर के व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पालिका बोर्ड द्वारा गत 15 मार्च 2016 के साधारण बैठक में प्रस्ताव पारित कर दुकानों के नामान्तरण प्रीमियम व किराया समेत अन्य करो में काफी वृद्धि कर दी गयी है जिससे उन पर काफी बोझ बढ़ जायेगा। बताया कि लाल बहादुर शास्त्री क्रय विक्रय केन्द्र में स्थित दुकानों की प्रीमियम राशि को छह हजार से बढ़ाकर साठ हजार रूपये कर दिया गया है। वहीं केन्द्र के प्रथम तल पर बनीं दुकानों की प्रीमियम राशि साढ़े चार हजार से बढ़ाकर पैंतालिस हजार व भूतल पर गुमटी जैसी छोटी दुकानों की राशि साढ़े तीन हजार से बढ़ाकर पैतीस हजार कर दिया गया।
इस प्रकार जीटी रोड स्थित दक्षिण पटरी पर स्थापित दुकानों के प्रीमियम शुल्क के भारी बढ़ोत्तरी कर दी गयी है। बताया कि इसी प्रकार से जल मूल्य को बढ़ाकर पचास रूपये व 12 अप्रैल 2015 से लागू स्वकर प्राणाली को भी गलत करार दिया। इसी प्रकार नगर पालिका में नामान्तरण या वसीयत कराने जैसे कार्यो में लगने वाले शुल्क में बेतहाशा वृद्धि कर दी गयी है। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि पालिका द्वारा जो कर वसूला जा रहा है वो अभी अभी भी काफी कम है। जल्द ही करों में और भी वृद्धि हो सकती है। इस दौरान विनोद कुमार तिवारी, अभिषेक कुमार शर्मा, राजू बरनवाल, लोकनाथ पटेल, नियाज अहमद, बृजेश कुुमार, आरपी यादव, फैयाज अहमद, आंनद आदि दुकानदार मौजूद रहे।