कीनाराम बाबा के जन्मोत्सव के अवसर पर लगे मेले में झूले का लुत्फ लेते लोग
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बाबा कीनाराम जन्मोत्सव के दूसरे दिन दोपहर में आयोजित गोष्ठी में देश के नामी गिरामी विद्वानों ने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी में कहा गया कि बाबा कीनाराम के चरणों में आस्था की पराकाष्ठा से ही कल्याण संभव है।
मुख्य अतिथि के रूप में आए छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय चंद्रभूषण वाजपेयी ने कहा कि बाबा कीनाराम के चरणों में लोगों को आनंद की अनुभूति मिलती है। यदि किसी के विचार भावनाओं में संशय है तो उसे त्याग कर बाबा की चरणों में शीश नवाएं तो कल्याण हो जाए। ज्ञानी, विज्ञानी चाहे कितने भी उच्च स्तर पर हो लेकिन जब वह कठिन परिस्थितियों में फंस जाए तो अंतत: उसे ईश्वर के शरण में जाना पड़ता है। घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ के पूर्व कुलपति डॉ. दीनानाथ तिवारी ने बाबा कीनाराम के अनेक कृतियों का उल्लेख किया। कहा कि बाबा कीनाराम ने समाज को हमेशा एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। इस मौके पर आईएएस आरबी ओझा, सुरेन्द्र कुमार, जयशंकर गुप्त, कृष्णचंद पांडेय अदि ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम ने की।