पीडीडीयू नगर। चंदौली में करोना से भी बड़ी बीमारी सड़क दुर्घटना के रूप में सामने आ रही है। कोरोना काल के दौरान जहां दो महीने में एक लोगों की मौत होती थी। वहीं इस वर्ष हर महीने सात से ज्यादा लोग सड़क दुर्घटना में जान गंवा रहे हैं। 2024 जनवरी से जुलाई यानी मात्र सात महीने में हुए 115 सड़क हादसों में 73 लोगों की मौत हो चुकी है और 81 लोग घायल हुए है। आश्चर्यजनक बात यह है कि मरने वालों में 60 से ज्यादा यानी 90 प्रतिशत युवा और नाबालिग हैं। जिनमें ज्यादातर ने हेलमेट या कोई सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा था। चंदौली जिले में 50 किलोमीटर नेशनल हाइवे और 800 किलोमीटर अन्य सड़कें हैं। जिले की आबादी 21 लाख और क्षेत्रफल भी काफी छोटा है। सड़कों के जाल फैलने और खासकर हाइवे होने की वजह से दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं। हर साल चंदौली में सड़क दुर्घटना में 100 से ज्यादा लोगों की मौत होती है। लेकिन वर्ष 2024 सड़क हादसों के लिए बढ़ोतरी का साल रहा। इस साल मात्र सात महीने यानी जुलाई तक ही सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 73 के पार कर गई है। जो अन्य वर्षों की तुलना काफी ज्यादा है। 2023 में जुलाई तक जहां 52 लोगों की वहीं 2022 में जुलाई तक 57 लोगों की ही सड़क हादसों में मौत हुई थी। ऐसे में इस वर्ष का आंकड़ा काफी ज्यादा है। यह भयावह इसलिए भी है कि इस वर्ष जुलाई तक कुल 115 हादसों में मरने वाले 73 लोगों में 60 से ज्यादा वे लोग हैं जिनकी उम्र 16 वर्ष से 35 वर्ष है। उनमें भी 95 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्होंने सड़क पर वाहन चलाते समय हेलमेट तक नहीं लगाया था।