किसान विकास मंच का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर
जिलाधिकारी एनके सिंह से मिला। इस दौरान किसानों ने डीएम से गत दिनों आपदा
में बर्बाद हुई फसल का प्रति एकड़ दस हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की।
साथ
ही बरसात से पूर्व जनपद में मौजूद सिंचाई संसाधनों की मरम्मत कराने पर जोर
दिया। इस दौरान चेताया कि यदि क्षतिग्रस्त नहरों, माइनरों की मरम्मत बारिश
से पूर्व नहीं हुई तो किसान मंच जनपदव्यापी आंदोलन करेगा।
इस मौके पर
जिलाध्यक्ष जैराम सिंह ने कहा कि बारिश व ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल
पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।
प्राकृतिक आपदा के कारण इस बार दलहनी व
गेहूं की पैदावार 60 फीसदी कम हुई है। ऐसे में किसान संकट में हैं। निराश
किसानों को राजकीय संरक्षण की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि किसानों की
मदद के लिए जिला प्रशासन प्रति एकड़ नुकसान पर दस हजार रुपये मुआवजा दे।
आरोप लगाया कि सर्वे कार्य में लगे तमाम अधिकारी व कर्मचारी गांवों में
नहीं जा रहे हैं। महामंत्री प्रेम नारायण सिंह ने कहा कि बारिश व ओलावृष्टि
के कारण इस बार गेहूं के दाने पतले हुए हैं।
जिन्हें क्रय केंद्रों पर
खरीदने में कर्मचारी आनाकानी कर रहे हैं। किसानों के हितों के मद्देनजर
क्रय केंद्रों पर गेहूं के पतले दानों की खरीद करने का भी निर्देश दिया
जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में नहरों की टूटी पटरियों की मरम्मत और
क्षतिग्रस्त साइफन व रेग्यूलेटरों की मरम्मत का कार्य बारिश से पूर्व किया
जाए, ताकि किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके।
यदि ऐसा नहीं
होता है तो किसान मंच आंदोलन करेगा। इस दौरान डीएम ने भरोसा दिलाया कि जल्द
ही किसानों में मुआवजे की राशि वितरित की जाएगी।
इस मौके पर श्याम लाल
मौर्या, रामअवध सिंह, उपेंद्र सिंह, बच्चन सिंह, रामदुलारे यादव, दामोदर
सिंह, अयूब खां, त्रिलोकी यादव, सुरेंद्र मौर्या आदि उपस्थित रहे।