पति के दीर्घायु के लिए महिलाओं ने बुधवार को निर्जल उपवास रखा और शाम को प्रथम पूज्य गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना की और कथा सुनी। इसके बाद चंद्र दर्शन के बाद चलनी में अपने पति का चेहरा देखा और उनके हाथों से जल ग्रहण किया। इस दौरान घरों में भक्ति का माहौल रहा।
बुधवार की सुबह से ही पूजन अर्चन की तैयारी शुरू कर दी गई। महिलाओं ने स्नान ध्यान के बाद व्रत का संकल्प लिया। दिन भर निराजल व्रत रहकर शाम को महिलाएं सोलहों शृंगार कर एक जगह एकत्र हुई। गीत गाते हुए विधि विधान से भगवान शिव, गणेश और माता पार्वती की पूजा अर्चना की। बाद में चंद्र को अर्घ्य दिया और चलनी में चंद्र का दर्शन किया। इसके बाद पति का चेहरा देख कर उनके हाथों से ही जल ग्रहण किया। उत्तर भारत में इस व्रत का चलन अधिक है। पंजाबी परिवारों में अधिक उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने एक जगह एकत्र होकर विधि विधान से पूजा अर्चना की और कथा सुनी। रविनगर, कैलाशपुरी, शाहकुटी, काली महाल, चतुर्भुजपुर, इस्लामपुर में पूजा की धूम रही। इसके पूर्व बाजार में फल, फूल आदि की खरीददारी की गई।
के लिए लोगों की भीड़ जुटी। इससे दोपहर बाद से मुख्य बाजार में जाम की स्थिति रही। इलिया: कस्बा सहित सैदूपुर बाजार एवं गांवों में पति की दीर्घायु की कामना के लिए महिलाओं ने करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। महिलाएं सोलह श्रृंगार कर भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन अर्चन की तथा भगवान चंद्र का दर्शन करने का प्रतिक्षा करती रही जैसे हीचंद्रमा का दर्शन मिला सामने पति का चलनी में दीदार कर व्रत का समापन किया।