चकिया। गर्मी, उमस और बारिश के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि जिला संयुक्त अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को अस्पताल की ओपीडी में 579 मरीजों का इलाज किया गया। इसके पहले सोमवार को 662 मरीजों ने इलाज कराया था।
रविवार को बारिश के बाद सोमवार को आसमान में बादल छाए रहे, जिससे तापमान घट गया। वहीं, मंगलवार को तेज धूप निकलने से फिर से गर्मी और उमस बढ़ गई। मौसम में बदलाव और तापमान उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। वहीं, बारिश से जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों के साथ बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है।
यही वजह है कि अस्पताल में मलेरिया, वायरल फीवर, डायरिया, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट दर्द और त्वचा के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सकों ने बताया कि बारिश के मौसम में दूषित पानी और संक्रमित भोजन के सेवन से भी कई बीमारियां फैलती हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरआर यादव ने बताया कि इस मौसम में लोगों से गर्म भोजन, उबले हुए पानी का सेवन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि घरों के आसपास सफाई रखें और पानी जमा न होने दें।
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बरसात में इन बीमारियों का खतरा
चिकित्सकों के अनुसार बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, हैजा, हेपेटाइटिस-ए, टाइफाइड, डायरिया और त्वचा संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
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बीमारियों से बचाव के लिए बरतें सावधानी -
घरों के आसपास पानी न जमा होने दें
स्वच्छ पानी का सेवन करें
भोजन को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं
नियमित रूप से हाथों की सफाई करें
मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें
घास और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाते समय जूते पहनें
पर्याप्त मात्रा में पानी और पौष्टिक आहार लें
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बरसात के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता जरूरी है। मौसमी बीमारियां पैर पसारने लगी हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। - डॉ. आरबी सिंह, सीएमएस, चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय