जिले में डीएम के स्कूल बंद रखने के आदेश के बावजूद बुुुधवार को अधिकतर विद्यालय खुले रहे और बच्चे को लू के थपेड़ों के बीच घर लौटे। अभिभावक विद्यालय प्रबंधन को कोसते रहे। इस संबंध में जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने कहा कि बंद के निर्देश के बावजूद अगर विद्यालय खुले थे तो इसकी जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मई के दूसरे पखवारे में भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। स्कूूलों में बीस मई से गर्मी की छुट्टी तय थी लेकिन गर्मी को देखते हुए डीएम कुमार प्रशांत ने बुधवार से बारहवीं तक के सभी विद्यालय को बंद करने का निर्देश दिया। बुधवार की सुबह परिषदीय विद्यालय तो बंद रहे लेकिन निजी विद्यालय नियमित रूप से खुले। अखबारों में स्कूल बंद होने की सूचना पर कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का मन बनाया लेकिन विद्यालयों में परीक्षाएं होने की वजह से अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजा।
वहां छुट्टी नहीं रही तथा नियमित रूप से परीक्षाएं हुई। हां आदेश का इतना असर हुआ कि स्कूलों ने गुरुवार को बंदी की घोषणा की है। बुधवार को 11 बजे छूट्टी होने के बाद बच्चे लू के थपेड़ों के बीच पसीने से लथपथ होकर बच्चे घर तक पहुंचे। बच्चों के मुरझाए चेहरे को देखते हुए अभिभावक स्कूल प्रंबधन को कोसते नजर आए।