बिजली विभाग में उपभोक्ताओं के कनेक्शन की जांच के दौरान वसूली राजस्व के करीब 11 लाख रुपये के गबन और इसी मामले विभाग के कैशियर की मौत के बाद विभागीय कर्मी आक्रोशित हैं। शनिवार को चंदासी विद्युत उपकेंद्र पर कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों की संयुक्त पंचायत हुई। इसमें साथी कैशियर राजनाथ मौर्य की मौत मामले की निष्पक्ष जांच और घोटाले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। निर्णय लिया गया कि सोमवार को इसी मांग को लेकर बिजली कर्मी सामूहिक रूप से हड़ताल पर रहेंगे।
पंचायत की अध्यक्षता करते हुए शशिधर दुबे ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से घोटाला हुआ हे। यही कारण है कि एक साथी की मौत के बाद भी आरोपित के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। निर्णय लिया गया कि एक पत्र एसई, सीई और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को दिया जाएगा। यही नहीं मामले का खुलासा न होने पर सोमवार को सभी कर्मचारी उपकेंद्र पर तालाबंद कर हड़ताल करेंगे।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि घोटाले का दोष अपने सिर मढ़ने के लिए दबाव बनाने पर कैशियर ने अपनी जान दे दी। संविदा विद्युत कर्मचारी संघ के अध्यक्ष लल्लू ने भी हड़ताल का समर्थन किया। वहीं भाजपा नेता राणा सिंह ने मामले में कर्मियों की हर तरह से सहायता का वादा किया। पंचायत में आंदोलन को सफल बनाने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन भी किया गया। पंचायत में अभियंता संघ, लेखा संघ, विद्युत मजदूर पंचायत, विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन, विद्युत मजदूर संगठन, विद्युत मजदूर संघ आदि शामिल रहे।