स्थानीय डाकघर में गुरुवार को सुकन्या समृद्वि योजना कार्यशाला एवं शाखा डाकपाल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर
को संबोधित करते हुए प्रवर अधीक्षक डाकघर पूर्व मंडल वाराणसी राजकिशोर ने
कहा कि सुकन्या समृद्वि योजना नारी सशक्तिकरण के दौर में एक ऐसा अभिनव
प्रयास है जो भविष्य में शक्तिशाली और समृद्व भारत की आधारशिला सिद्ध होगा।
सुकन्या समृद्वि योजना खाता खोलकर माता पिता या संरक्षक बेटियों के उज्जवल
भविष्य के प्रति निश्चिंत हो सकते हैं। कहा कि शिक्षित और सुयोग्य बेटियां
नए भारत का इतिहास रचेंगी।
डाकपालों को प्रशिक्षित करते हुए बताया कि बेटी
के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक कभी भी किसी भी डाकघर में सुकन्या
समृद्वि योजना के तहत खाता खोला जा सकता है।
इसमें एक वित्तीय वर्ष में
न्यूनतम 1000 रुपये और अधिकतम 15 हजार रुपये जमा किए जा सकते हैं। इस खाते
पर वर्तमान में 9.1 प्रतिशत ब्याज देय होगा।
खाता खोलने से 14 वर्ष तक धन
जमा कराना होगा। इस योजना में बालिका की उच्चतर शिक्षा और विवाह आदि
आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 50 फीसदी धनराशि बालिका के 18 वर्ष पूरा
होने पर निकाली जा सकती है। इस अवसर पर सीनियर पोस्ट मास्टर ओपी सिंह ने
कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाव अभियान की ओर एक
महत्वपूर्ण कदम है।
खाता खोलने के लिए बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, अभिभावक
का फोटोग्राफ व आवासीय प्रमाण पत्र देना आवश्यक है।