चंदौली जिले में इस वर्ष 1 लाख 470 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती की की गई। क्रॉप कटिंंग के अनुसार जिले में 41 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से अधिक गेहूं का उत्पादन हुआ है। इस तरह जिले में 41.192 लाख क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है। इस वर्ष गेहूं खरीद के लिए कुल 69 खरीद केंद्र बनाए गए। इनमें खाद्य विभाग के 24, पीसीएफ के 21, पीसीयू के 14, यूपीएसएस के 5, भारतीय खाद्य निगम के 4 और मंडी समिति के एक केंद्र शामिल हैं। जिले में 30 मार्च से गेहूं खरीद शुरू है। 15 जून तक गेहूं की खरीद होगी। शुरुआती चरण में बोरे के अभाव में गेहूं की खरीद नहीं हो सकी।
कुल 17 केंद्रों पर 25820 क्विंटल गेहूं की हुई खरीद
चकिया/शिकारगंज।
तहसील क्षेत्र के लगभग 17 केंद्रों पर 25 हजार 820 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। नारायणपुर के किसान दिनेश बघेल, सिकंदरपुर के सूरज, भीषमपुर के विजई, बलिया के उपेंद्र, कोदोचक के ओम प्रकाश, पुरुषोत्तम पुर के राम सिंह, हिनौती के विजय पटेल, भीषमपुर के भोनू पाल आदि ने कहा कि केंद्रों पर बोरा न होने के कारण गेहूं की खरीद समय से नहीं हो पा रही है। वीरेंद्र पाल ने कहा कि खरीद में अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं।
चकिया राजकीय गेहूं क्रय केंद्र चकिया डोडापुर में 15 जून तक खरीद करने का अवधि बोर्ड लगाया गया है। यहां सुबह 9 से शाम 6 बजे तक केंद्र खुलने का समय निर्धारित है, लेकिन 5 बजे के पहले ही केंद्र बंद हो जा रहा है। क्षेत्रीय खाद्य विपणन अधिकारी महेंद्र प्रताप ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए क्रय एजेंसियों को बोरा उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि कल 17 केद्रों पर 25 हजार 820 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
बरहनी और धानापुर विकास खंड में बोरी की कमी और परिवहन व्यवस्था की सुस्ती के कारण खरीद प्रभावित है। बरहनी विकास खंड के सिरकलपुर गांव स्थित बी-पैक्स गेहूं क्रय केंद्र पर अब तक 1141 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। वहीं सिकठा गांव स्थित राजकीय गेहूं क्रय केंद्र विपणन केंद्र पर 3000 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। केंद्र व्यवस्थापक रतन कुमार सिंह ने बताया कि लगातार बारिश और ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था की सुस्ती खरीद में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। गेहूं लेकर जाने वाली गाड़ियां तीन-चार दिन बाद वापस लौट रही हैं, जिससे गोदाम खाली नहीं हो पा रहा है। जलालपुर स्थित राजकीय गेहूं क्रय केंद्र पर अब तक 2500 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। यहां दो दिन तक बोरी के अभाव में खरीद बंद रही, लेकिन 2000 बोरी मिलने के बाद दोबारा खरीद शुरू कर दी गई है। धानापुर विकास खंड के अवही बी-पैक्स केंद्र पर अब तक 1650 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। एवती गांव स्थित बहुउद्देशीय समिति केंद्र पर आंधी-तूफान में बिजली पोल और तार क्षतिग्रस्त होने से खरीद प्रभावित हो गई थी। वैकल्पिक व्यवस्था के बाद पिछले दो दिनों से फिर खरीद शुरू की गई है। यहां अब तक लगभग 1326 कुंतल गेहूं की खरीद हो चुकी है। घोसवा स्थित पीसीएफ के क्रय केंद्र पर बोरा के अभाव और गोदाम फुल होने के कारण पिछले पांच दिनों से गेहूं खरीद पूरी तरह ठप है। घोसवा पीसीएफ क्रय केंद्र पर अब तक 2195 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। क्रय केंद्र प्रभारी भैयालाल यादव ने बताया कि उच्चाधिकारियों को बोरा उपलब्ध कराने और शीघ्र डिलीवरी कराने के लिए सूचना दे दी गई है। चिरईगांव स्थित मार्केटिंग विभाग के गेहूं क्रय केंद्र पर खरीद कार्य सुचारू रूप से जारी है। यहां अब तक 3250 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। केंद्र से पांच ट्रक गेहूं की डिलीवरी भी हो चुकी है। केंद्र प्रभारी गणेश कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की जा रही है। टांडाकला गांव के उतडी में स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर अब तक 1171 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। सचिव अशोक कुमार यादव ने गेहूं की आवक अब तेज हो गई है। धानापुर
गेहूं क्रय केंद्र पर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद का कार्य लगातार जारी है। केंद्र प्रभारी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि अब तक कुल 90 किसानों से लगभग 4450 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
राघवेंद्र प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ, चंदौली ने कहा कि जिले के क्रय केंद्रों पर नियमित रूप से गेहूं की खरीदारी हो रही है। सोमवार तक 1.36 लाख 81 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। गेहूं खरीद का लक्ष्य तय नहीं है। अधिक से अधिक किसानों से गेहूं की खरीद होनी है।