कमालपुर। धानापुर विकास खंड के माधोपुर गांव में कराए गए विकास कार्यों की जानकारी जन सूचना के अधिकार कानून के तहत मांगी गई लेकिन करीब पांच माह बाद भी शिकायत कर्ता को सही जानकारी नहीं मिली। शिकायत कर्ता रंजन सिंह का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी ने पहले तो सूचना देने में देरी की बाद में जैसे-तैसे अधूरी सूचना देकर पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद उन्होंने डीएम के साथ ही मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत की है। लेकिन गांव में हुए विकास कार्योँ की अब तक न तो जांच हुई और न ही शिकायतकर्ता को आरटीआई के तहत जानकारी मुहैया कराई गई।
गांव निवासी रंजन सिंह ने पूर्व में जनसूचना का अधिकार कानून के तहत माधोपुर ग्राम सभा में हुए विकास कार्याें की सूची मांगी थी। शिकायतकर्ता ने प्रधान पर सरकारी हैंडपंप में सबमर्सिबल पंप लगाने और उसको घेरने का आरोप लगाया था। रंजन सिंह का कहना है कि जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की गई तो एडीओ पंचायत ने बिना जांच के ही जवाब दे दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने डीएम को शपथ पत्र पर शिकायत की। डीएम के आदेश के पांच माह बाद भी जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।
शिकायतकर्ता रंजन सिंह ने बताया कि 14 वें वित्त के तहत वर्ष 2015 से 2019 तक कराए गए हैंडपंप रिबोर की जानकारी मांग गई थी। जवाब न मिलने पर डीएम से शिकायत की। डीएम के आदेश पर दो दो बार जिला बचत अधिकारी ने जांच की लेकिन मामला ठंडे बस्ते में है। शिकायतकर्ता ने बताया कि एक ही रास्ते को दो-दो बार बनवाया गया है। गांव में शौचालय निर्माण में अनियमितता हुई है।
इस संबंध बीडीओ धानापुर सुशील मिश्र ने बताया कि जन सूचना अधिकारी ग्राम पंचायत अधिकारी होते हैं। यदि आवेदक के सूचना मांगने के बाद भी जानकारी नहीं दी गई तो, इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी से पूछताछ की जाएगी। साथ ही शिकायतकर्ता कार्यालय में भी अपनी शिकायत दर्ज कराएं, पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।