राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने रविवार की रात स्थानीय रेलवे स्टेशन से 27.50 लाख रुपये नकदी के साथ एक युवक को पकड़ लिया। युवक बनारस से हावड़ा रुपयों की खेप लेकर जा रहा था। जीआरपी की सूचना पर पहुंची आयकर विभाग की टीम ने रुपये और आरोपी को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू की है। इस मामले का खुलासा सोमवार को जीआरपी कोतवाली में सीओ वाराणसी श्यामजीत पर्मिला सिंह ने की।
सीओ ने बताया कि मुहर्रम और सावन माह में सुरक्षा के मद्देनजर राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम लगातार स्टेशन और ट्रेनों में संदिग्धों की जांच पड़ताल कर रही है। जीआरपी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह और आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में जीआरपी के एसआई स्वतंत्र सिंह, आरपीएफ के एसआई मुकेश कुमार सिंह आदि की टीम रविवार की रात स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर पहुंची। यहां पिट्ठू बैग लिए एक संदिग्ध युवक दिखा। उसके बैग की तलाशी लेने पर उसमें पांच पांच सौ रुपये की गड्डियां मिलीं। नोट के संबंध में युवक काेई कागजात नहीं दिखा सका। उसे कोतवाली लाकर जांच की गई तो 27.30 लाख रुपये नकदी मिले। युवक ने अपना नाम गौरव सेठ निवासी गोपीगंज भदोही बताया। उसने बताया कि रुपये उसे उसके सेठ ने दिए हैं। उसे रुपये को पश्चिम बंगाल के हावड़ा पहुंचाना था। वह ट्रेन पकड़ने के लिए पीडीडीयू जंक्शन पहुंचा था। सीओ श्यामजीत पर्मिला सिंह ने बताया कि रुपये बरामदगी की सूचना वाराणसी के आयकर विभाग को दी गई। स्टेशन पर विभागीय टीम के पहुंचने पर रुपये और आरोपी को उनके हवाले कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई वाराणसी की टीम करेगी।
पांच वर्ष में स्टेशन से बरामद हुई 11 करोड़ से अधिक नकदी
सिर्फ डेढ़ वर्ष में बरामद हो चुके हैं साढ़े छह करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर पांच वर्षों में 11 करोड़ से अधिक नकदी और 80 किलो से अधिक सोना बरामद हो चुका है। यहां 41.48 लाख की विदेशी करेंसी भी मिल चुकी है। वहीं एक करोड़ के नकली नोट भी बरामद हो चुके हैं। सिर्फ डेढ़ वर्ष में पीडीडीयू जंक्शन पर साढ़े छह करोड़ रुपये नकद बरामद हो चुके हैं।
सुरक्षा के लाख इंतजाम के बाद भी ट्रेनों के जरिए तस्करी नहीं रुक रही है। तस्कर ट्रेनों से सिर्फ सोना चांदी, हेरोइन, असलहा, कछुआ, नशीले पाउडर ही नहीं नकदी भी ले जा रहे हैं। आठ जुलाई को 27.50 लाख रुपये बरामद होना पहली बार नहीं है। यदि पांच वर्ष केे इतिहास को देखे तो 20 जुलाई 2018 को दुरंतो एक्सप्रेस के ए-वन कोच से जीआरपी और आरपीएफ टीम ने दो करोड़ नकदी बरामद की थी। राजस्थान के गंगानगर निवासी तस्कर नकदी को दिल्ली ले जा रहा था। 25 जनवरी 2020 को जीआरपी व आरपीएफ ने स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म संख्या दो की सीढ़ी से एक करोड़ 18 लाख रुपये नकदी के साथ एक तस्कर को पकड़ा था। आरोपित वाराणसी से रुपये से भरे दो बैग लेकर हावड़ा के दुर्गापुर जाने की फिराक में था। 31 जुलाई 2020 को स्थानीय रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम कटनी मध्य प्रदेश निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से 48.50 लाख भारतीय रुपये के साथ अमेरिका, चीन, नेपाल, थाईलैंड सहित एक दर्जन देशों की लगभग 41.84 लाख रुपये मूल्य की करेंसी बरामद की थी। आठ मार्च 2021 को ब्रह्मपुत्र मेल से एक करोड़ रुपये मूल्य के दो-दो हजार के नकली नोट बरामद किए थे। 15 जून की रात आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने एक व्यक्ति को 38.50 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। लगभग डेढ़ वर्ष बाद फिर से सात दिसंबर 2022 को दो लोगों के पास से तीस लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। वर्ष 2023 से अब तक स्टेशन से साढ़े छह करोड़ से अधिक नकदी बरामद हो चुके हैं। इसमें इसी वर्ष नौ मार्च को मां बेटे को 11.50 लाख रुपये नकदी के साथ पकड़ा गया था। इस संंबंध में सीओ श्यामजीत पर्मिला सिंह ने बताया कि पीडीडीयू जंक्शन पर लगातार जांच की जा रही है। इसका नतीजा है कि तस्कर पकड़े जा रहे हैं।