पीडीडीयू नगर। रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने चौबीस घंटों में अलग स्थानों पर ट्रेन से कटने जा रही किशोरी सहित तीन महिलाओं को बचाया। महिलाओं को समझा बुझाकर परिवार वालों के हवाले कर दिया गया। दिल्ली से किशोरी बेटी संग भटक कर स्थानीय स्टेशन पर पहुंची महिला आत्महत्या के लिए रेलवे लाइन पर खड़ी हो गई थी। इसी तरह सैयदराजा में परिवार वालों से झगड़कर विवाहिता कटने के लिए मालगाड़ी के सामने खड़ी हो गई।
स्थानीय रेलवे स्टेशन के सेंट्रल यार्ड में लाइन नंबर चार पर बुधवार की देर शाम एक महिला 13 वर्षीय किशोरी संग आत्महत्या करने की नीयत से रेलवे लाइन के बीचो-बीच खड़ी हो गई। इस सूचना पर रेलवे सुरक्षा बल के एसआई राम विलास,महिला आरक्षी संगीता देवी, नरेशीबाई मीणा मौके पर पहुंचे और महिला को समझा-बुझाकर हटाया। महिला के आधार कार्ड से पता चला कि महिला दिल्ली के गांधी नगर की रहने वाली है। किशोरी महिला की बेटी है। महिला के परिवार वालों से संपर्क किया गया। परिजनों ने बताया कि उसके पति का हाल ही में देहांत हो गया है और वह अवसाद में है। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट तिमारपुर थाना दिल्ली में दर्ज है। सूचना पाकर महिला के परिजन यहां पहुंचे और आरपीएफ ने महिला और बेटी को उनके सुपुर्द कर दिया।
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय गया रेल रूट पर सैयदराजा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या चार पर मालगाड़ी खड़ी थी। बृहस्पतिवार को दिन में 11.13 सिग्नल होने पर मालगाड़ी खुल गई। इसी बीच 19 वर्षीया विवाहिता महिला ट्रेन के सामने आकर खड़ी हो गई। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के आरक्षी विजय शंकर यादव और विजय कुमार की नजर महिला पर पड़ी तो दौड़ कर उसे हटाया। इस दौरान महिला बार-बार आत्महत्या करने की जिद कर रही थी। दोनों आरक्षियों ने समझा बुझाकर महिला को आरपीएफ कैंप पर लाया गया। महिला के बताएं पते पर सूचना देने पर महिला के परिजन आरपीएफ कैंप पर पहुंची। यहां आरपीएफ मानसनगर पोस्ट की महिला एसआई ममता कुमारी ने महिला को समझा बुझाकर परिवार वालों के साथ भेज दिया। इसके पूर्व महिला ने पूछताछ में बताया कि वह जेवरियाबाद की रहने वाली है। घर वालों से अनबन के बाद आत्महत्या की नीयत से यहां आई थी।