चंदौली। निर्माण कार्यो में धांधली की शिकायत पर सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने पिछले दिनों सकलडीहा तहसील क्षेत्र के नरायनपुर नदरा ग्राम पंचायत के में निर्माणाधीन मिनी सचिवालय की जांच कराई थी। जांच के दौरान ठेकेदार के द्वारा अनियमितता करने का मामला उजागर हो गया। सीडीओ ने अर्धनिर्मित भवन तोड़कर दोबारा पिलर के साथ निर्माण कराने का निर्देश दिया है। साथ ही लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है।
नदरा ग्राम पंचायत में मिनी सचिवालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए शासन से 18 लाख रुपये बजट आवंटित किया गया था। आरोप है कि कार्यदाई संस्था की ओर से निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। बिना पिलर बनाए ही दीवार खड़ी की जा रही है। इससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए। वहीं भूकंप के दौरान ध्वस्त होने का खतरा था। ग्रामीणों ने इसको लेकर आवाज उठाई। जनप्रतिनिधियों को मामले से अवगत कराया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दिनों जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जांच कराने की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर डीआरडीए (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण) के अभियंता ने मौके पर पहुंचकर भवन की जांच की थी। इसमें धांधली उजागर हुई थी। भवन में एक-दो स्थानों पर आधे-अधूरे पिलर मिले। जबकि घटिया किस्म की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होता पाया गया। उन्होंने उच्चाधिकारियों को भवन निर्माण में अनियमितता से अवगत कराया। इस पर अधिकारियों ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्य विकास अधिकारी डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद निर्माणाधीन भवन की जांच कराई गई। इसमें धांधली उजागर हुई है। ठीकेदार को दोबारा भवन का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है। इसकी अनदेखी पर ठीकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।