चंदौली। पॉलिटेक्निक की अलग-अलग पाठ्यक्रम की परीक्षा के बाद कॉपियों की जांच ऑनलाइन कराई गई थी। इसके विरोध में सैकड़ों छात्रों ने दोबारा मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। दोबारा मूल्यांकन का काम पूरा हो गया है। अगले हफ्ते इसका संशोधित परिणाम जारी किया जाएगा।
जून में आयोजित पॉलिटेक्निक परीक्षा में कम अंक मिलने पर छात्र-छात्राओं ने विरोध जताते हुए दोबारा मूल्यांकन की मांग की थी। जिले के दो राजकीय महामाया पॉलिटेक्निक, संत रविदास पॉलिटेक्निक चकिया और एक अर्द्धशासकिय पॉलिटेक्निक चंदौली के दो हजार विद्यार्थी जून में आयोजित परीक्षा में शामिल हुए थे। उनकी कॉपियां ऑनलाइन जांची गई थीं। परिणाम जारी होने के बाद अंक नंबर मिलने का आरोप लगाते हुए करीब 500 छात्र-छात्राओं ने दोबारा कॉपियों के मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है।
इन पाठ्यक्रमों की हुई थी परीक्षा
महामाया पॉलिटेक्निक ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 400, संत रविदास राजकीय पॉलिटेक्निक के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल में 345 और चंदौली पॉलिटेक्निक के 900 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी।
वर्जन
परीक्षा के बाद कॉपियों की जांच ऑनलाइन कराई गई थी। इसके बाद कई परीक्षार्थियों ने कम नंबर मिलने की बात कहते हुए दोबारा मूल्यांकन कराने के लिए आवेदन किया था। ऐसे परीक्षार्थियां का संशोधित परिणाम अगले हफ्ते आएगा। - अजय कुमार, प्रधानाचार्य महामाया पॉलिटेक्निक धानापुर