स्थानीय तहसील सभागार में गत दिनों वकीलों और लेखपालों के बीच हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को अधिवक्ताओं ने वकीलों पर दर्ज आपराधिक मुकदमा हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। चेताया कि यदि शीघ्र ही मुकदमा वापस लिए जाने साथ तहसील में कामकाज शुरू नहीं हुआ तो सभी अधिवक्ता सड़क पर उतरेंगे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने तहसील अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन की शह पर लेखपाल खुले रूप से दबंगई कर रहे हैं। आरोप लगाया कि बीते दिनों लेखपालों ने लाठी डंडे से लैस होकर वकील पर हमला बोला था जिसके बाद अधिवक्ताओें के उपर ही अपराधिक मुकदमा दर्ज कर दिया गया । नाराज वकीलों ने बार के संयुक्त निर्णय पर मुकदमा हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। चेताया कि शीध्र ही तहसील का कार्य सुचारू रूप से संचालन नही हुआ तो जनहित में वकील उग्र आन्दोलन के लिये सड़क पर उतरेंगे। इस दौरान सिविल बार एसोसिएशन चंदौली के पूर्व अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, बार अध्यक्ष हजारी सिंह, अजय सिंह, संतोष सिंह, संजय मिश्रा, नितिन तिवारी, जनमेजय सिंह, संजय श्रीवास्तव, बुद्धिराम, जगदीश सिंह, अशोक यादव, प्रभुपाठक, रमाकांत पांडेय, अवधनरायण, महेन्द्र राजभर, जितेन्द्र कुमार, शैलेन्द्र पांडेय, रमाशंकर खरवार, दुर्गेश सिंह, आशुतोष सिंह आदि रहे।