इलिया। लतीफशाह डैम से निकली जनकपुर माइनर की मरम्मत शुरू हो गई है। बुधवार को पानी खुलते ही उद्गम स्थल डैम से 200 मीटर की दूरी पर पक्की कैनाल में टूट गई थी। शुक्रवार देर शाम तक ठीक करके पानी की आपूर्ति शुरू किए जाने का दावा किया जा रहा है। यह खबर अमर उजाला में 10 जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। इसके बाद सिंचाई विभाग ने टूटी माइनर पर तत्काल कार्य शुरू करा दिया और पानी की आपूर्ति शुरू किए जाने के कार्य में जुट गए।
जनकपुर माइनर से 22 गांवों के किसानों के फसल की सिंचाई होती है। इन दिनों धान की रोपाई के लिए किसानों की मांग पर बुधवार को माइनर में पानी छोड़ा गया। इसके बाद माइनर को बंद करना पड़ा। माइनर के बंद होते ही धान की रोपाई का बाधित होना स्वभाविक है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी थीं।
किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से माइनर की सिल्ट और मिट्टी की सफाई अगर सही ढंग से कराई गई होती तो माइनर नहीं टूटी होती। विभागीय लापरवाही देख किसान एकजुट होकर तत्काल मरम्मत कार्य पूरी करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
कोट
पक्की कैनाल काफी पुराना हो जाने के कारण पानी के बहाव के चलते टूट गई है। मरम्मत कराई जा रही है। देर शाम तक काम पूरा होते ही पानी की आपूर्ति कर दी जाएगी।
राकेश तिवारी,सहायक अभियंता