फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीवन जीने की कला सिखाती है रामचरित मानस

विज्ञापन
विज्ञापन
नौगढ़। क्षेत्र के नर्वदापुर स्थित अमरा भगवती के दरबार में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ का समापन पर शनिवार को कथा व्यास मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि राम चरित मानस जीवन जीने की कला सिखाता है। शनिवार को प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की कथा सुन भक्त भाव विभोर हो गए।
विज्ञापन

कथा व्यास ने कहा कि श्रीरामचरितमानस भाई -भाई से प्रेम और जीवन जीने की कला सिखाती है। बताया कि भगवान राम जब रावण को मारकर अयोध्या वापस आए तो अयोध्यावासियों ने उनका बड़े उत्साह के साथ स्वागत किया। अयोध्यावासियों ने फूल वर्षा कर तथा घर में उत्सव मनाकर घी के दिए जलाकर के राम, लक्ष्मण तथा सीता का स्वागत किया। शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि रामायण सतमार्ग पर चलना सिखाती है। इसके पूर्व शालिनी त्रिपाठी ने सीता हरण, सुग्रीव मित्रता, शबरी की कथा का मनोहारी वर्णन किया। यजमान दधिबल यादव, राम रामनरेश उर्फ बच्चा यादव, रवि शुक्ला और अचल सिंह ने कथा व्यास को सम्मानित किया। इस अवसर पर ज्ञान प्रकाश सिंह, सुरेंद्रनाथ दुबे, यज्ञ नारायण द्विवेदी, रामअलम, विवेक यदुवंशी, भगवानदास यादव, विनोद कुमार, संतोष रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें