जिले में संचालित परिषदीय स्कूलों के बच्चों के लिए गर्मियों की छुट्टियों में रामायण एवं वेद अभिरुचि कार्यशाला आयोजित कर उन्हें संस्कार में पिरोया जाएगा। यह कार्यशाला पांच से 10 दिनों की होगी। जिले में 1185 परिषदीय स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। यहां पर करीब दो लाख बच्चे पंजीकृत हैं।
स्कूलों में ग्रीष्मावकाश होना है। इस अवधि में बच्चों के अंदर संस्कृति के संस्कार के साथ ही कला के प्रति रुचि विकास हो इसको लेकर विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि कार्यशाला में बच्चों को भारतीय संस्कार में पिरोया जाएगा। शासन की ओर से मिले निर्देशों के अनुसार ग्रीष्मावकाश में परिषदीय स्कूलों के बच्चों को रामायण एवं वेद अभिरुचि के बारे में बताया जाएगा। कार्यशाला पांच से दस दिनों की होगी, जहां पर रामलीला कार्यशाला, रामचरितमानस गान, वाचन कार्यशाला, रामायण चित्रकला कार्यशाला, रामायण क्ले मॉडलिंग कार्यशाला, रामायण मुख सज्जा एवं हैंडप्रॉब्स, मुखौटा कार्यशाला, वेदगान एवं वेद सामान्य ज्ञान कार्यशाला का आयोजन होगा।