रामकथा से होता है पाप तथा संताप का नाश
चकिया। अमरा उत्तरी गांव के दुर्गा मंदिर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा का उद्घाटन शनिवार की शाम समाजसेवी डॉ. गीता शुक्ला ने फीता काटकर किया। कथा के पहले दिन मानस मर्मज्ञ ज्ञानेन्द्र महाराज ने कहा कि रामकथा अमृत के समान है। इसका श्रवण करने से पाप तथा संताप का नाश हो जाता है। उन्होंने कहा कि भवसागर को पार करने में रामकथा व्यक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। भक्ति एवं ज्ञान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सती प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान परीक्षा से नहीं प्रतिक्षा से मिलते है। इस अवसर पर सुभाष लाल श्रीवास्तव, प्रधान राजेश बिंद, राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, नागेन्द्र सिंह, फूलचंद पाल, विरेन्द्र पाल, पारितोष गुप्ता, रितेश, संकठा, मनोज रहे। संवाद