इंद्रदेव की मेहरबानी अब किसानों को भारी पड़ने लगी है। जनपद में विगत एक सप्ताह से हो रही आंशिक और तेज बरसात के चलते जनपद के कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। किसानों की धान की नर्सरी को नुकसान पहुंचा है।
घने काले बादल किसानों को डराने लगे हैं। बारिश की वजह से कई स्थानों पर धान की फसल के डूबने और नर्सरी को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं हैं। खासकर धान की नर्सरी डूबने से किसानों को काफी क्षति उठानी पड़ सकती है।
वहीं जिन किसानों ने धान की रोपाई करा दी थी वह भी खेतों में लबालब भरे पानी को देखकर चिंतित हैं। क्षेत्र के फुटियां, जसौली, नरसिंहपुर खुर्द, किसुनपुरी, नवहीं, के अतिरिक्त दुबौलियां, जोगवां, बाकरपुर, कसवढ़, चिल्हारीं आदि गांवों में खेत पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं।
इससे किसानों की धान की नर्सरी डूब गई है। किसान खेतों के पानी के निकलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे धान की रोपाई का कार्य शुरू करा सकें। इस बाबत जिला कृषि अधिकारी कमलजीत सिंह का कहना है कि जिले में लगभग 25 फीसदी धान की रोपाई हो चुकी है। अत्यधिक बरसात से मैदानी इलाकों में धान की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
उधर, लगातार बरसात होने से मुख्यालय स्थित सरकारी कार्यालय परिसरों में भी पानी भर गया है। डीएम और एसपी कार्यालयों से पानी भर गया है।