रेलवे कालोनियों में रहने वाले रेलकर्मी क्वार्टरों में घुसे बारिश के पानी
के बीच घर का सामान बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैैं। विभिन्न रेलवे
कालोनियों के क्वार्टरों में भी एक फीट तक पानी घुसा हुआ है।
रास्ते पर भी पानी जमा है। बावजूद इसके रेल प्रशासन मौन है। इससे रेलकर्मियों में आक्रोश है।
नार्दन
इंडिया का प्रवेश द्वार कहा जाने वाले मुगलसराय का रेलवे यार्ड एशिया में
सबसे बड़ा है। यही कारण है कि मुगलसराय में दस हजार से अधिक रेलकर्मी हैं।
इनके रहने के लिए अंग्रेजों के जमाने से सत्रह कालोनियां बनी है। देख भाल
के अभाव में रेलवे क्वार्टर जर्जरहो गए हैं।
यही नहीं पानी निकासी की उचित
व्यवस्था न होने की वजह से बारिश होते ही कालोनियों में जल जमाव हो जाता
है। रेलवे के प्लांट डिपो, मानसनगर, गया कालोनी, यूरोपियन कालोनी, रोजा
कालोनी,सेंट्रल कालोनी और लोको कालोनी में विशेष रूप से जल जमाव की स्थिति
होती है। बुधवार की रात से बारिश शुरू हुई तो गुरुवार को दोपहर तक बारिश
होती रही। इससे रेलवे कालोनियों में जल प्लावन की स्थिति हो गई।
रेलवे
क्वार्टरों में भी पानी घुस गया। रेलकर्मी इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे
कि गुरुवार की रात में फिर से झमाझम बारिश हुई। इसका नतीजा यह हुआ कि दूसरे
दिन भी कालोनियां टापू में तब्दील रहीं। रेलवे के लोको कालोनी में स्थित
मंडलीय चिकित्सालय में भी पानी जमा रहा।
इससे मरीजों को परेशानी हुई।
कालोनीवासियों का कहना है कि कालोनी के समीप से गुजरने वाले गंदे नाले की
इस वर्ष साफ सफाई नहीं करायी गई है। इसी वजह से अधिक जलजमाव हुआ। स्थिति यह
रही कि रेलवे ओवरब्रिज से सेंट्रल कालोनी, लोको कालोनी, डीजल कालोनी जाने
वाले रास्ते पर करीब दो फूट पानी जमा रहा। नाला और सड़क का फर्क ही मिट
गया। इससे लोग जान हथेली पर ही रख कर इस रास्ते पर गुजरे। वहीं क्वार्टरों
में पानी जमा होने से रेलकर्मी सामान सुरक्षित रखने की जुगत में दिन भर
जुटे रहे।
मानसनगर और प्लांट डिपो, रोजा कालोनियों में पहले तल पर रहने
वालों को तो आसानी हुई लेकिन ग्राउंड फ्लोर के क्वार्टरों में घुटने तक
पानी जमा रहा। यही हाल यूरोपियन कालोनी का भी रहा। गया कालोनी, आरपीएफ
कालोनी, शास्त्री कालोनी, इंडियन इस्टीट्यूट कालोनी आदि में घरों से पानी
तो निकल गया लेकिन अब गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों के फैलने की
आशंका बनी हुई है।
गया कालोनी के हरेराम मिश्र, प्लांट डिपो के विवेक,
शास्त्री कालोनी के मुन्ना, यूरोपियन कालोनी के जवाहर आदि ने बताया कि घरों
की छत टपक रही है और बारिश खत्म होने के बाद गंदगी से संक्रामक बीमारियों
के फैलने की आशंका है। इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक विद्या भूषण ने बताया
कि रेलवे कालोनियों में जमा पानी के निकासी के लिए आईओडब्लू को निर्देश
दिया गया है। जल्द ही लोगों को राहत मिल जाएगी।