देर से ही सही पर मानसून आने के बाद पांच दिनों से रुक-रुक लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बन गई है। कई जगहों पर जलभराव और कीचड़ होने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। नगर के निचले इलाकों सहित कई प्राथमिक स्कूलों में पानी भर गया है। नाले उफनाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चकिया, इलिया, चहनिया और नियामताबाद में गुरुवार को कई कच्चे मकान ढह गए। इलिया में पुलिया टूटने से सपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गया है। कमालपुर सड़क उखड़ गई। वहीं जिले के पीडीडीयू नगर, कंदवा, सकलडीहा और चहनिया में आपूर्ति ठप हो गई।
नियामताबाद संवाददाता के अनुसार लगातार कई दिनों से हो रही बारिश से क्षेत्र के गोधना गांव में देर रात खेलावन यादव का रिहायशी कच्चा मकान गिर गया। इससे घर में रखा अनाज, भूसा, कपड़े आदि मलबे में दबकर नष्ट हो गए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आर्थिक मुआवजा दिलाने की मांग की। गनीमत रही कि परिवार का कोई सदस्य कमरे में नहीं था। मिट्टी का मकान गिरने की आवाज सुनकर आस पड़ोस के लोग भी मौके पर आ गये। और लोगों ने मिट्टी में दबे सामान को बाहर निकाला।
अलीनगर थाना क्षेत्र के गोधना गांव में दो सगे भाईयों खेलावन यादव और पखंडू यादव के बीच जमीन बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। एक भाई ने जलनिकासी की नाली पाट दी थी। बुधवार को एसडीएम कुमार हर्ष के निर्देश पर अलीनगर पुलिस ने नाली खुदवाई ताकि पानी निकल जाए लेकिन बारिश होने पर जलभराव होने और घर में पानी घुसने से कच्चा मकान ढह गया। परिवार के सदस्य दूसरे घर में रहने के कारण बाल-बाल बच गए। खेलावन यादव का आरोप है भाई द्वारा पानी निकासी की नाली पाट दिए जाने से बरसात का पानी घर में घुसने से भरभराकर ढह गया। ग्रामीणों ने गरीब को आर्थिक मदद दिलाने की माग की है।
चहनिया संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के कांवर गांव निवासी रमेश मल्लाह, नखडू यादव, मनोज सिंह , श्री नारायण राजभर का कच्चा मकान बारिश के चलते गुरुवार को गिर गया। मकान गिरने से उसमें रखा अनाज, भूसा, बिस्तर, रसोई के सामान दब गया। मकान ढहने की सूचना देने के बाद भी लेखपाल के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों में नाराजगी है। इसी तरह पीडीडीयू नगर के जलालपुर गांव में रामजी राम का कच्चा घर गिरने से घर गृहस्ती का सामान नष्ट हो गया।
इलिया। इलिया में खरौंझा बंधी टूट जाने से किसानों के सामने खेती के लिए सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। बंधी टूटने से संपर्क मार्ग पर भी खतरा मंडराने लगा है। सिंचाई विभाग की लापरवाही से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है।