अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सेंट्रल कालोनी में स्थित डा. अंबेडकर शिक्षण
संस्थान का भवन बुधवार की दोपहर रेलवे प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर गिरवा
दिया।
दूसरी तरफ विद्यालय प्रबंधन का दावा है कि यह मामला पिछले 32 वर्षों से चंदौली न्यायालय में विचाराधीन है।
नगर
की रेलवे सेंट्रल कालोनी में डा. अंबेडकर शिक्षण संस्थान चल रहा है।
इस
विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए तत्कालीन विधायक रामचंद्र त्यागी ने विधायक
निधि से लगभग चार लाख का अनुदान भी दिया था।
शिक्षण संस्थान रेलवे की भूमि
पर बने होने को लेकर जिला न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। बुधवार की दोपहर
बारह बजे के लगभग रेल प्रशासन ने बिना नोटिस दिए विद्यालय भवन को बुलडोजर
से गिरवा दिया। कार्रवाई के समय विद्यालय में रखा सामान भी निकालने का
अधिकारियोें ने मौका नहीं दिया।
तीन घंटे में पूरा भवन जमींदोज हो गया।
इस
दौरान एसडीएम सदर गिरीश कुमार शर्मा, सीओ सदर राजेश तिवारी, मंडल अभियंता
पुरुषोत्तम तिवारी, सहायक अभियंता कालोनी वीके पांडेय, वरिष्ठ अनुभाग
अभियंता मोहम्मद सत्तार, मुगलसराय कोतवाली प्रभारी विनोद यादव, अलीनगर थाना
प्रभारी अरुण कुमार यादव व आरपीएफ के जवान तैनात रहे।
उधर विद्यालय के
प्रबंधक अजीत कुमार का कहना है कि रेल प्रशासन ने विद्यालय को ढहाने
संबंधी कोई नोटिस डा. अंबेडकर शिक्षण संस्थान को नहीं दिया था। यदि रेल
प्रशासन पहले सूचित करता, तो भवन के अंदर के लाखों के सामान को सुरक्षित
किया जा सकता था।
भवन ढहने के साथ ही विद्यालय में अध्ययन कर रहे 122
बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। सभी बच्चों के अभिभावकों को उनका
दाखिला किसी दूसरे स्कूल में कराना पड़ेगा। जिनकी आर्थिक स्थति ठीक नही है
उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। रेल प्रशासन को यह कदम उठाने से
पहले बच्चों के बारे में भी सोचना चाहिए था।