पीडीडीयू नगर। रेलवे विभिन्न निर्माण कार्यों का ठेका देने की प्रक्रिया बदल रहा है। अब कार्यों के लिए ई ऑक्शन होगा। इसमें निविदा डालने वालों को बोली की रकम का पता चलता रहेगा। जिसकी बोली अधिक होगी उसे ठेका मिलेगा। नई व्यवस्था में विवाद की गुंजाइश नहीं होगी। अभी तक सील बंद लिफाफे में निविदा डाली जाती थी। निविदा खोलते समय विवाद की स्थिति होती थी।
रेलवे की ओर से रेलवे स्टेशन और यार्ड, पटरियों की मरम्मत, पुल निर्माण कार्य के साथ ही रेलवे स्टेशन पर दो पहिया, चार पहिया वाहन स्टैंड, आटो स्टैंड, ट्रेनों में पानी भरने, गुड्स ट्रेनों के कोच की मरम्मत, रेलवे अस्पताल में चादर की सफाई, रेलवे स्टेशन पर सफाई सहित अन्य कार्य ठेके पर कराता है। इसके लिए पंजीकृत ठेकेदारों से निविदा आमंत्रित की जाती है। ठेकेदार अब तक निर्धारित तिथि पर सीलबंद लिफाफे में कार्य की बोली की रकम डालता है। निर्धारित तिथि पर निविदा खोली जाती। निर्माण के लिए सबसे कम और स्टैंड आदि के लिए सबसे अधिक रकम की बोली लगाने वाले को ठेका दे दिया जाता है। इस दौरान अक्सर विवाद होता रहा है। निविदा खुलने के दौरान काफी गहमा गहमी की स्थिति रहती है। इसको देखते हुए रेलवे ने अब ई ऑक्शन की व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत अब ऑनलाइन निलामी की जाएगी। इसमें निविदा डालने वाला अपनी रकम डालेगा। यह अन्य लोगों को भी दिखेगा। ऐसे में ई निलामी की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होगी। दूसरी तरफ वाहन स्टैंड आदि के लिए एक दूसरे को देख कर अधिक से अधिक बोली लगाई जाएगी। इससे रेलवे को राजस्व अधिक मिलेगा। वहीं निर्माण आदि के लिए कम की बोली लगेगी। इसका लाभ रेलवे को होगा। इस संबंध में मंडल वाणिज्य प्रबंधक और मंडल जनसंपर्क अधिकारी धीरज कुमार ने कहा कि नई व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होगी।